नई दिल्ली - सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव 1,292 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गया। वहीं, चांदी की कीमत में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों जैसे कारक कीमती धातुओं की चाल को प्रभावित कर रहे हैं।
24 कैरेट सोना 1.49 लाख रुपये के पार
IBJA के मुताबिक, सप्ताह के दौरान 24 कैरेट सोने की कीमत 1,48,138 रुपये से बढ़कर 1,49,430 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। इस तरह इसकी कीमत में कुल 1,292 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इसी अवधि में 22 कैरेट सोने का भाव 1,35,694 रुपये से बढ़कर 1,36,878 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, 18 कैरेट सोने की कीमत 1,11,104 रुपये से बढ़कर 1,12,073 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के भाव में हुई इस बढ़ोतरी का असर खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के बजट पर पड़ सकता है।
चांदी की कीमत में भी दर्ज हुई बढ़त
सोने के साथ चांदी के भाव में भी तेजी आई। IBJA के आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमत 2,20,829 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2,21,109 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इस तरह सप्ताह के दौरान इसमें 280 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
हालांकि, चांदी की कीमत सप्ताह के बीच अलग-अलग स्तरों पर कारोबार करती रही। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 5 अक्टूबर की शाम को इसका भाव 2,24,157 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचा था, जबकि 7 अक्टूबर की शाम को यह 2,20,866 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी पर नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,200 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव 60 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंचने की जानकारी दी गई है। वैश्विक बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय बाजार में अंतिम भाव तय होने में रुपये और डॉलर की विनिमय दर, आयात लागत तथा स्थानीय मांग जैसे कारकों की भी भूमिका रहती है।
डॉलर, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल का असर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ऊंची बॉन्ड यील्ड सोने तथा चांदी की कीमतों पर दबाव डाल सकते हैं। जब बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों से मिलने वाला प्रतिफल बढ़ता है, तो कुछ निवेशकों के लिए बिना ब्याज वाली कीमती धातुओं का आकर्षण कम हो सकता है।
इसके अलावा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई की संभावनाओं को प्रभावित करती हैं। इन परिस्थितियों के कारण निवेशक बाजार की दिशा को लेकर सतर्क रह सकते हैं। हालांकि, सोने और चांदी की कीमतों में आगे क्या बदलाव होगा, यह कई आर्थिक और वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगा।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
IBJA आमतौर पर दिन में सुबह और शाम के सत्र में सोने-चांदी के संदर्भ भाव जारी करता है। ध्यान रहे कि IBJA के भाव और ज्वेलरी दुकानों पर मिलने वाली अंतिम कीमत अलग हो सकती है। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज, लागू GST और अन्य शुल्क भी जुड़ सकते हैं।
खरीदारी से पहले अपने शहर के ताजा भाव और आभूषण की शुद्धता की जांच करना बेहतर रहेगा। साथ ही, सप्ताह के दौरान दर्ज उच्चतम और न्यूनतम कीमतों को समझने के लिए तारीख और कारोबारी सत्र के आंकड़ों की आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है।