PhonePe ने पिछले वर्षों में भारत में डिजिटल भुगतान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यूजर्स की संख्या, लेनदेन के आंकड़े और व्यापारी नेटवर्क—हर मोर्चे पर कंपनी मजबूत होती गई है। यही वजह है कि कंपनी अब सार्वजनिक बाजार में उतरने की पूरी तैयारी कर रही है। डिजिटल लेनदेन में उसकी मजबूत पकड़ और तकनीकी विश्वसनीयता ने निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ाया है।
अप्रैल में आने की तैयारी, पूरी तरह बिक्री पेशकश वाला IPO
सूत्रों के अनुसार PhonePe अप्रैल में अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने वाली है। यह IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) होगा, जिसमें Walmart, Microsoft और Tiger Global जैसे बड़े निवेशक अपनी हिस्सेदारी के कुल 5.06 करोड़ शेयर बेचेंगे। इसमें कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी। फोनपे को जनवरी में SEBI से मंजूरी भी मिल चुकी है, जिससे इसकी लिस्टिंग प्रक्रिया तेज हो गई है।
डिजिटल भुगतान बाजार का दायरा दोगुना होने का अनुमान
कंपनी ने डीआरएचपी में कहा है कि भारत का डिजिटल उपभोक्ता भुगतान बाजार वित्त वर्ष 2025 में 301 लाख करोड़ रुपये का था, जो वित्त वर्ष 2030 तक बढ़कर 602–681 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इस तेजी से बढ़ते बाजार में PhonePe अपने उपभोक्ता आधार और प्लेटफॉर्म की उपयोगिता को और विस्तार देने पर फोकस कर रही है।
वित्तीय सेवाओं में बड़ा दांव: ऋण, बीमा और धन प्रबंधन
PhonePe केवल भुगतान मंच नहीं रहना चाहती। कंपनी अपने वित्तीय सेवा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क— ऋण, बीमा और धन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आक्रामक विस्तार कर रही है। इसके लिए वह अपने निवेश मंच ‘Share.Market’ और स्वदेशी Indus Appstore को भी बड़ी प्राथमिकता दे रही है। दोनों ही प्लेटफॉर्म कंपनी के राजस्व के नए स्तंभ बनने की क्षमता रखते हैं।
PhonePe की नई रणनीति: एक सुपरफाइनेंशियल ऐप बनने की कोशिश
कंपनी का लक्ष्य केवल डिजिटल भुगतान का नेता बने रहना नहीं है, बल्कि एक ऐसा सुपर ऐप बनना है जो हर वित्तीय जरूरत का समाधान एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराए। UPI भुगतान से लेकर निवेश और बीमा तक—PhonePe एक समग्र वित्तीय इकोसिस्टम पर काम कर रही है। IPO इसके विस्तार को नई पूंजी और नई विश्वसनीयता प्रदान करेगा।
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में नई भूमिका निभाने की तैयारी
PhonePe न केवल देश के डिजिटल ट्रांजैक्शन को बदल रहा है, बल्कि अब भारतीय वित्तीय सेवाओं के बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने की तैयारी भी कर चुका है। IPO के बाद कंपनी और अधिक आक्रामक रणनीति के साथ नए उपभोक्ता वर्गों तक पहुंचेगी, और यह विस्तार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के अगले चरण को भी गति देगा।
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