पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, चुनाव का हो चुका है शंखनाद। पूरे देश में है उत्साह का वातावरण। इस बार का चुनावी उत्साह ऐसा जिसे पहले कभी नहीं देखा। मेने 10 राज्यों का किया है दौरा, हर राज्य में है अभूतपूर्व उत्साह। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी लोक नेता के शिखर पर हैं। मोदी केवल लोकसभा चुनाव नहीं बल्कि 2047 की सोच रहे हैं। विकसित भारत का निर्माण उनके संकल्प और गारंटी दोनों है। मोदी जी की गारंटी पूरी होने की गारंटी है। भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह है तैयार।
कांग्रेस है डूबता हुआ जहाज
भारतीय जनता पार्टी है चमकता हुआ सूरज। कांग्रेस है डूबता हुआ जहाज। कांग्रेस में ना दृष्टि है ना दशा इसलिए खराब है कांग्रेस की दशा। कांग्रेस का सेनापति भ्रमित है। कई जगह तो सुना ही है गया सेनापति छोड़ रहे हैं सेना। अबकी बार 400 पार बीजेपी का नहीं बल्कि जनता की है उद्घोषणा। राहुल गांधी ऐसे कप्तान है जिनको कब क्या करना है यही नहीं पता। जब उन्हें चुनाव की तैयारी करना चाहिए तो यात्रा पर निकल जाते हैं। जब यात्रा करनी चाहिए तो विदेश में निकल जाते हैं और चुनाव हारने के बाद EVM पर ठीकरा फोड़ते हैं।
कांग्रेस के विचार व नेता कांग्रेस का साथ छोड़ रहे हैं
कांग्रेस की यही हालत देखकर कांग्रेस के विचार व नेता कांग्रेस का साथ छोड़ रहे हैं। कांग्रेस की दशा इतनी खराब है कि कांग्रेस के सर्वोच्च नेता मैडम श्रीमती सोनिया गांधी जी ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। जिसके सर्वोच्च नेता का विश्वास खत्म हो गया हो उसे पार्टी का क्या होगा यह तो कल्पना की जा सकती है। 2019 में राहुल जी के नेतृत्व में कांग्रेस ने लड़ा था चुनाव और खुद अमेठी से राहुल गांधी हार गए थे चुनाव।
नेताओं ने भी हाथ उठा दिए
इतिहास को देखते हुए 2013 के बाद लगभग 50 चुनाव कांग्रेस ने हारे। कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए कई जगह नहीं मिल रहे हैं उम्मीदवार। कांग्रेस एक ऐसा दल है उसके पास ना तो सेना है ना ही सेनापति। जब खुद मैडम चुनाव नहीं लड़ रही तो बाकी नेताओं ने भी हाथ उठा दिए। 2014 से 2020 तक कई नेताओं ने छोड़ी कांग्रेस। हेमंत विश्व शर्मा जी कांग्रेस का साथ छोड़ने के बाद असम के जिम्मा संभाल रहै है।
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