एमपी में हजारों वाहनों के ट्रैफिक वाला एक बड़ा ब्रिज बंद कर दिया गया है। इससे वाहन चालकों के लिए आने-जाने में फेरा बढ़ गया है। भिंड में चंबल नदी पर बना पुल दो राज्यों, एमपी और यूपी को जोड़ता है। यह बड़ा ब्रिज है जहां से रोजाना 18 हजार पीसीयू का ट्रैफिक है। चंबल पुल को जून 2024 को 1 साल बाद सशर्त चालू किया गया था। इटावा और भिंड प्रशासन ने सामंजस्य बनाकर पुल पर से 40 टन तक के भार वाले वाहन निकालने की अनुमति दे दी थी। हालांकि यहां से ओवरलोडेड वाहन भी गुजरते रहे। भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के सामने जब यह तथ्य सामने आया तो उन्होंने पुल पर से 16 चक्का से अधिक वाले भारी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया। इससे भारी वाहनों के चालकों, मालिकों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें कई किमी का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। नाराज ट्रांसपोर्टरों ने कलेक्टर के इस आदेश का विरोध किया है।
कलेक्टर ने अपने आदेश में हवाला दिया था कि पुल पर 16 व 17 दिसंबर को निरीक्षण के दौरान ओवरलोड वाहन गुजर रहे थे। कई बार हिदायत के बावजूद पुल से होकर भारी वाहनों का आवागमन बंद नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण कलेक्टर ने 16 चक्का से ऊपर के सभी वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है।
एमपी में हजारों वाहनों के ट्रैफिक वाला एक बड़ा ब्रिज बंद कर दिया गया है। इससे वाहन चालकों के लिए आने-जाने में फेरा बढ़ गया है।
Comments (0)