एमपी के अधिकांश जिलों में दिसंबर महीने में मावठा गिरने से किसानों को अच्छा लाभ हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी-फरवरी और मार्च में भी बारिश होने की संभावना है। इससे रबी की फसल को फायदा होगा।
दिसंबर में तीव्र आवृत्ति वाले पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ों में बर्फबारी हुई है। वहीं, मैदानी इलाकों बरसात ही हुई।
उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत पहुंचने का सिलसिला जारी है। इसके आधार पर मौसम विभाग ने अगले तीन महीने तक मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में बारिश की भविष्यवाणी की है।’
हवाओं का रुख बदला
पश्चिमी विक्षोभ के असर से हवाओं का रुख बदला है। इस कारण दिन का तापमान बढ़ रहा है।
न्यूनतम तापमान में दो से तीन दिन तक बढ़ोतरी के आसार है।
पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर तीन दिन बाद रात में गिरावट हो सकती है।
शनिवार सुबह निवाडी, मैहर, दक्षिण छतरपुर और उत्तरी शहडोल में घना कोहरा रहा।
रीवा और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर तक रही।
दिन में सामान्य से अधिक, रात में 7.2 डिग्री पर तापमान
भोपाल में दिन और रात के तापमान में सामान्य से ज्यादा अंतर हो गया है। धूप और हवा का रूख बदलने से दिन के तापमान में वृद्धि हुई है। शनिवार को दिन का तापमान 29.9 डिग्री रहा, जो सामान्य से 5.9 डिग्री अधिक रहा। रात का पारा 7.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। इससे दिन और रात के तापमान में 22.7 डिग्री का अंतर रहा।
तापमान में गिरावट के आसार
आईएमडी के अनुसार, अगले 48 घंटे के बाद दिन और रात के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट के आसार है। रविवार को दिन का तापमान में 28 डिग्री और रात का पारा 8 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इसके बाद बर्फीली हवाओं के असर से दिन और रात के पारा में गिरावट होगी।
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