मध्य प्रदेश में कांग्रेस ओबीसी वोट बैंक में सेंधमारी करने की तैयारी में है। यही वजह है कि कर्नाटक की तर्ज पर जातिगत जनगणना को मुद्दा बनाकर चुनावी मैदान में उतरने जा रही है। मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस ने जातिगत जनगणना का वादा किया है।
जातिगत जनगणना का मुद्दा बनाएगी कांग्रेस
मध्य प्रदेश में 55 फिसद होकर ओबीसी निर्णायक भूमिका में रहते है। यही वजह है की समय समय पर ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीती भी गरमाती रहती है। लेकिन कांग्रेस अब इस ओबीसी वोट बैंक में सेंधमारी करने की तैयारी में है। एक और नया मास्टर स्टॉक चलते हुए कांग्रेस ने जातिगत जनगणना का चुनावी वादा किया है। कमलनाथ ने कहा कि अगर हमारी सरकार बनती है तो हम जातिगत जनगणना कराएंगे। जातिगत मतगणना सामाजिक न्याय की नींव है। मप्र में पिछड़ा वर्ग 55 प्रतिशत है तो वही पूर्व मंत्री और ओबीसी नेता कमलेश्वर पटेल का कहना है कि कांग्रेस ने शुरू से ही ओबीसी के हित में फैसले लिए हैं। कांग्रेस ने उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने का प्रयास किया है और ओबीसी वर्ग कर्नाटक की ही तरह मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस का ही साथ देगी।
बीजेपी का पलटवार
कांग्रेस के ओबीसी को साधने के फार्मूले पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस का लक्ष्य किसी वर्ग को सम्मान देना या सही स्थान देना नहीं है।
कांग्रेस केवल धुर्विकरण की राजनीती करती है। अब देखना होगा चुनावी साल में सभी जाती वर्गों के बीच पैठ बनाने में जुटी कांग्रेस का ओबीसी को साधने चला जातिगत जनगणना का यह दांव कितना सफल होगा।
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