Legislative Assembly Chhattisgarh: आरक्षण का मामला विधानसभा में दूसरे दिन भी जोर शोर से उठा। आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सत्तापक्ष ने विपक्ष पर आरक्षण को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
सत्र स्थगित होने के बाद भाजपा के सभी बड़े नेताओं ने हाथों में तख्ती लेकर विधानसभा परिसर में आरक्षण और धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और गांधी प्रतिमा स्थल पर कुछ देर धरने पर बैठे। आरक्षण बिल को लेकर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा, सरकार यह बताने में असफल है कि क्वांटिफाइबल डाटा आयोग के आंकड़े सदन में क्यों पेश नहीं किया गया।
रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन हो रहा
वही सर्वोच्च सदन को अपमानित करने का काम कांग्रेस की सरकार कर रही है। गवर्नर को कानून सम्मत प्रश्न पूछने का अधिकार है। गवर्नर के पास असीमित अधिकार है। जिस प्रकार रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है, यह इतिहास में पहली बार है कि सत्ता पक्ष के लोग इस तरह आंदोलन में लगे हुए हैं।
संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा
आरक्षण बिल के मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे का कहना है कि छत्तीसगढ़ के विधानसभा ने सर्वसम्मति से आरक्षण का विधेयक पारित किया है। कुछ खंडों पर जरूर प्रतिपक्ष का संशोधन था, लेकिन सर्व सम्मति से यह विधेयक पारित हुआ है। छत्तीसगढ़ की जनता का लगातार यह दबाव है कि हमने जो यह विधेयक सदन में पारित किया है, उसको महामहिम के यहां लंबित नहीं होना चाहिए। जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह का बयान और भाजपा का बयान आता है उसके कार्यालय से जो विज्ञप्ति जारी होता है। उसी प्रकार राजभवन से भी विज्ञप्ति जारी होता है। लोग यह समझ रहें है कि राज्यपाल शायद भाजपा के दबाव में दस्तखत करने में अपने आप को असहज पा रही है।
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