एमपी में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में बीजेपी-कांग्रेस के बीच जुबानी जंग जारी है। इसी बीच दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। पूर्व सीएम ने अप्रत्यक्ष रूप से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ इशारा करते हुए कहा कि, राजा महाराजा तो बिक गए लेकिन, आदिवासी विधायकों ने ईमानदारी दिखाते हुए खुद को बेचने से इनकार कर दिया।
कुछ लोगों की बेईमानी और गद्दारी ने कांग्रेस की सरकार को गिराई
आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश के धार में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, 2018 में मध्य प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को जिताया था। कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि, 2018 में राज्य की जनता ने कांग्रेस के समर्थन में वोट दिया था, लेकिन कुछ लोगों की बेईमानी और गद्दारी ने कांग्रेस की सरकार को गिरा दिया।
आदिवासी विधायकों को खरीदने की हुई कोशिश
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि, 2018 में 28 आदिवासी जो कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और चुनाव भी जीते थे। उन 28 आदिवासी विधायकों को खरीदने की पूरी कोशिश की गई थी। उन्होंने आगे दावा किया कि, आदिवासी विधायकों को 25-30 करोड़ रुपए का लालच देकर दूसरी पार्टी में शामिल होने को कहा कहा गया था, लेकिन उनका जमीर जिंदा था उन्होंने अपनी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा और बिकने से इनकार कर दिया। इस दौरान पूर्व सीएम सिंह ने नाम ना लेते हुए कहा कि, केवल एक विधायक दूसरी पार्टी में चला गया।
राजा-महाराजा का चरित्र बिकाऊ है - दिग्विजय
आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश में कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं पत्रकारों ने जब कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह से विधायकों के पार्टी बदलने को लेकर सवाल किया तो, इसके जबाव में कांग्रेस नेता ने कहा कि, वो ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि, अब कांग्रेस पार्टी में कोई ज्योतिरादित्य सिंधिया ना आए। उन्होंने आगे कहा कि, राजा-महाराजा खुद को बेच देते हैं, गद्दारी कर देते हैं, लेकिन आदिवासियों का चरित्र बिकाऊ नहीं है।
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