रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर अव्यवस्था के आरोपों के बीच सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बीजेपी सरकार पर किसानों को जानबूझकर परेशान करने का आरोप लगाया है।
दीपक बैज का कहना है कि 31 जनवरी को धान खरीदी समाप्त होनी है, लेकिन बचे हुए 9 दिनों में से 4 दिन अवकाश है, ऐसे में केवल 5 दिन ही खरीदी संभव हो पाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि ऑनलाइन टोकन व्यवस्था पूरी तरह बंद हो चुकी है, जिसके चलते 5 लाख से ज्यादा किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं, जबकि 4 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन ही नहीं हो सका।
दीपक बैज ने दावा किया कि अब तक केवल 115 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है, जबकि करीब 30 फीसदी धान की खरीदी सरकार अब भी नहीं कर सकी है। उन्होंने कहा कि खाद और यूरिया की कमी, जटिल टोकन प्रक्रिया और खरीदी केंद्रों पर लिमिट तय कर किसानों को लगातार परेशान किया जा रहा है।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि धान खरीदी की समय-सीमा को कम से कम एक महीने के लिए आगे बढ़ाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपक बैज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार को लेकर भी बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शाही स्नान से रोकना हिंदुओं का अपमान है और बीजेपी को यह तय करने का कोई अधिकार नहीं कि कौन शंकराचार्य हो सकता है। इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए गए। वहीं मनरेगा को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार पर साजिश का आरोप लगाया। दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सरकार के पास मानदेय देने तक के पैसे नहीं हैं। ऐसे में केंद्र के बाद राज्य 40 फीसदी हिस्सेदारी कैसे निभाएगा, यह बड़ा सवाल है।
इसके साथ ही बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में हुए औद्योगिक हादसे में 6 मजदूरों की मौत पर कांग्रेस ने जांच समिति गठित करने की घोषणा की है। दीपक बैज ने कहा कि पिछले दो सालों में कई फैक्ट्रियों में बड़े हादसे हुए हैं, लेकिन सरकार उन्हें रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रही है।
कुल मिलाकर धान खरीदी, मनरेगा, धार्मिक मुद्दों और औद्योगिक सुरक्षा को लेकर कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
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