लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के असर से फिलहाल प्रदेश में कड़ाके की ठंड से राहत मिली है। बुधवार को रात का सबसे कम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस मंदसौर में दर्ज किया गया। ग्वालियर में हल्का कोहरा छाया रहा, जबकि दिन का सबसे अधिक तापमान 29 डिग्री सेल्सियस मंडला में रिकॉर्ड किया गया।
तीन-चार दिन तक मौसम ऐसे रहेगा
अभी दो-तीन दिन तक मौसम में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने के आसार हैं। गुरुवार को ग्वालियर, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मध्यम स्तर का कोहरा छा सकता है।मौसम विज्ञान केंद्र की जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान पर हवा के ऊपरी भाग में एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवात के रूप में बना हुआ है, जिसके साथ एक द्रोणिका भी जुड़ी हुई है। उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात सक्रिय है।
इसके अलावा, उत्तर-पूर्वी ईरान पर एक और पश्चिमी विक्षोभ चक्रवात के रूप में बना हुआ है। पूर्वोत्तर भारत पर 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 222 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमोत्तर भारत को प्रभावित कर सकता है।
ठंड की संभावना फिलहाल कम
लगातार पश्चिमी विक्षोभ के आने से फिलहाल कड़ाके की ठंड की संभावना नहीं है। लेकिन तीन दिन बाद पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर रात के तापमान में गिरावट हो सकती है और ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने की संभावना बन सकती है।
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