सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी 2026 को धार भोजशाला विवाद पर आदेश सुनाया है। कोर्ट ने 23 जनवरी, 2026 (बसंत पंचमी, शुक्रवार) के दिन हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा करने की पूरी अनुमति दी है, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत दी गई है।
शांति-सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें
कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि दोनों पक्षों के लिए अलग-अलग स्थल निर्धारित करें, विशेष पास व्यवस्था करें और शांति-सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। इस साल बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ रही है, जिससे हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया था। हिंदू पक्ष पूरे दिन अखंड पूजा की मांग कर रहा था, जबकि मुस्लिम पक्ष जुमे की नमाज पर अड़ा हुआ था।
8,000 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बल तैनात
धार जिले में पहले से ही 8,000 से ज्यादा पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं, साथ ही CCTV और ड्रोन निगरानी भी चल रही है। कोर्ट ने संतुलित फैसला देते हुए दोनों पक्षों के धार्मिक अधिकारों का सम्मान किया। यह आदेश 2003 के ASI आदेश पर आधारित है, जिसमें मंगलवार को हिंदुओं और शुक्रवार को मुस्लिमों को दोपहर में पूजा/नमाज की अनुमति थी।
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