रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आज शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को गंभीर विषय मानते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में 5000 रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि यह भर्ती व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के माध्यम से कराई जाएगी और इसके लिए फरवरी 2026 तक विज्ञापन जारी करना अनिवार्य होगा, ताकि पूरी नियुक्ति प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके।
बैठक के दौरान शिक्षक भर्ती परीक्षा–2023 से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस संबंध में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि परीक्षा–2023 की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की अवधि में कोई विस्तार नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पूर्व वर्षों में सफल हुए अभ्यर्थियों को भी शासकीय सेवा में अवसर मिल सकेगा और भर्ती प्रक्रिया अधिक न्यायसंगत होगी।
मुख्यमंत्री साय ने दो टूक कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में योग्य शिक्षकों की उपलब्धता आवश्यक है और इस दिशा में सरकार तेजी से ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो और सभी चरण निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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