नई दिल्ली में संसद के निचले सदन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता खुद अपने आचरण पर ध्यान नहीं देते, वे स्पीकर की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।
कभी “फ्लाइंग किस”, कभी आंख मारना
बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि कभी “फ्लाइंग किस”, कभी आंख मारना और कभी प्रधानमंत्री को गले लगना जैसी घटनाएं सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहले अपने व्यवहार को देखना चाहिए, उसके बाद स्पीकर पर आरोप लगाने चाहिए।
बोलने का मौका मिलता है तो विदेश में होते हैं
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता यह शिकायत करते हैं कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जाता। इस पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह तय करना सदस्यों को ही होता है कि वे कब और किस विषय पर बोलेंगे। अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि जब बोलने का मौका आता है, तब कुछ नेता जर्मनी या इंग्लैंड में दिखाई देते हैं और बाद में आरोप लगाते हैं कि उनकी आवाज दबाई जा रही है।
अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
अमित शाह ने कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के॰सी॰ वेणुगोपाल और अन्य 119 सांसदों की ओर से दिया गया था, लेकिन इसमें कई प्रक्रियात्मक खामियां थीं। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव के नोटिस में तारीख 2025 लिखी गई थी और संकल्प भी ठीक से संलग्न नहीं किया गया था। जब यह गलती सामने आई तो विपक्ष को नोटिस वापस लेकर दूसरा नोटिस देना पड़ा।
BJP ने कभी स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव नहीं लाया
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी और एनडीए विपक्ष में थे, तब भी उन्होंने कभी लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया। उनका कहना था कि स्पीकर के पद की गरिमा और निष्पक्षता का सम्मान करना सभी दलों की जिम्मेदारी है।
शशि थरूर का भी किया जिक्र
गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर का नाम लेते हुए कहा कि, सदन में कई अनुभवी सदस्य मौजूद हैं। इसके साथ ही बीजेपी नेता ने तंज कसते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि ऐसे वरिष्ठ नेता अपने साथियों को संसदीय नियमों के बारे में क्यों नहीं सिखाते।
संसद में इस मुद्दे पर हुई बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालांकि, सरकार ने साफ कहा कि स्पीकर के खिलाफ लाया गया यह प्रस्ताव राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसका कोई ठोस आधार नहीं है
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