Chhattisgarh: जब से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आई है। तब से केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भूपेश सरकार के बीच विभिन्न मसलों पर टकराव की स्थिति निर्मित होती रही है चाहे जीएसटी क्षतिपूर्ति का मामला हो, धान के समर्थन मूल्य पर बोनस का मुद्दा हो, पीएम आवास या ओल्ड पेंशन स्कीम का मामला।
केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया
इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर राजपथ पर प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन नहीं होना बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। इसे लेकर संस्कृति मंत्री ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा का कहना है कि कांग्रेस सरकार अपनी कमजोरी और विफलताओं का सारा दोष केंद्र की मोदी सरकार पर थोपना चाहते हैं।
झांकी राजपथ पर उतारने की तैयारी की थी
दरअसल, इस बार गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ की झांकी नहीं दिखेगी इस बार छत्तीसगढ़ ने ‘मिलेट मिशन’ पर झांकी राजपथ पर उतारने की तैयारी की थी। लेकिन छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन नहीं हो सका। झांकी के चयन नहीं होने पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि, मिलेट मिशन को झांकी तैयार की जा रही थी, पूरी उम्मीद थी कि इस झांकी का चयन गणतंत्र दिवस पर किया जायेगा, लेकिन चयन नहीं किया गया।
छत्तीसगढ़ के लिए निराशानजक बात हैं
उन्होंने बताया कि झांकी का चयन किस वजह से नहीं किया गया, वो जानकारी नहीं दी गयी है, लेकिन चयन नहीं होना छत्तीसगढ़ के लिए निराशानजक बात हैं। उन्होंने इसे लेकर केंद्र को भी आड़े हाथों लिया। अमरजीत भगत ने कहा कि ये उनकी मानसिकता दर्शाती है कि किस तरह का भेदभाव किया जा रहा है।
‘मिलेट मिशन‘ पर आधारित झांकी निकाली जानी थी
आपको बता दें कि 26 जनवरी को राजपथ में ‘मिलेट मिशन‘ पर आधारित झांकी निकाली जानी थी। सेंट्रल जोन में छत्तीसगढ़ है एक जोन से 2 राज्यो का चयन होना था। सेंट्रल जोन में यूपी, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल है। लेकिन, छत्तीसगढ़ का चयन नहीं हो सका। आपको बता दें कि हर साल छत्तीसगढ़ की सभ्यता को लेकर बनाई झांकी राजपथ में नजर आती थी। संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने छत्तीसगढ़ की झांकी राजपथ के लिए चयन नहीं होने पर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा और राज्य से पक्षपात करने का आरोप लगाया।
अमरजीत भगत का बयान हास्यास्पद है
वहीं भाजपा का कहना है कि संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत का बयान हास्यास्पद है वे अपनी कमजोरी और विफलताओं का सारा दोष केंद्र की मोदी सरकार पर थोपना चाहते हैं। उन्हें आत्म चिंतन करना चाहिए, अवलोकन करना चाहिए कि किन कमियों की वजह से छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन नहीं हो पाया, बजाय राजनीतिक बयानबाजी के।
टकराव कोई नई बात नहीं
केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की भूपेश सरकार के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है। बीते चार सालों से लगातार धान खरीदी, जीएसटी क्षतिपूर्ति, कोयला रॉयल्टी, पीएम आवास, ओल्ड पेंशन स्कीम समेत विभिन्न मामलों को लेकर केंद्र और राज्य के बीच तकरार होता रहा है, लेकिन इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी को राजपथ पर जगह नहीं मिलने का मामला है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या वाकई में अपनी कमियों की वजह से छत्तीसगढ़ की झांकी का चयन नहीं हो पाया या भेदभाव का शिकार हो गया?
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