पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी और पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी के भाजपा में जाने से कांग्रेस को महाकौशल और मालवा क्षेत्र में नुकसान होगा। दोनों के समर्थक भी जल्द ही भाजपा की सदस्यता लेंगे। वहीं, न्यू ज्वॉइनिंग टोली के संपर्क में पार्टी के कुछ और बड़े नेता भी हैं, जिन्हें प्रत्याशियों की घोषणा के बाद सदस्यता दिलाई जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी को अब चिंता महाकौशल और मालवांचल में बड़ी टूट की है।
दरअसल, पचौरी के समर्थकों की बड़ी संख्या महाकौशल अंचल में है तो राजूखेड़ी का प्रभाव मालवांचल के आदिवासी क्षेत्रों में है। यही वह क्षेत्र है, जहां विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सहारा मिला। यहां जय युवा आदिवासी शक्ति संगठन का भी प्रभाव है, जो कांग्रेस का समर्थन करता है। इसकी काट के लिए भाजपा ने विधानसभा चुनाव के पहले खूब प्रयास भी किए पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी और पूर्व सांसद गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी के भाजपा में जाने से कांग्रेस को महाकौशल और मालवा क्षेत्र में नुकसान होगा। दोनों के समर्थक भी जल्द ही भाजपा की सदस्यता लेंगे। वहीं, न्यू ज्वॉइनिंग टोली के संपर्क में पार्टी के कुछ और बड़े नेता भी हैं, जिन्हें प्रत्याशियों की घोषणा के बाद सदस्यता दिलाई जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि पार्टी को अब चिंता महाकौशल और मालवांचल में बड़ी टूट की है।
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