देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के पास पीथमपुर में राजधानी भोपाल से लाया गया, यूनियन कार्बाइड का जहरीले कचरा जलाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है, जहां पीथमपुर के पास स्थित रामकी फैक्ट्री में नष्ट करने की योजना का जमकर विरोध हो रहा है। अब इस विरोध में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की एंट्री हुई है, जहां उन्होंने भी विरोध की इस मुहिम को समर्थन देते हुए इस मामले पर गंभीरता से पुनर्विचार की आवश्यकता जताई है।
पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे जलाने के सवाल पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि, पीथमपुर में जो कचरा जलाने का विषय आ रहा है, जिसमें माननीय न्यायालय के आदेश भी है। ऐसा मानना है कि, पीथमपुर के लोगों का और वहां पर पर्यावरण के प्रभाव को समझते हुए मध्य प्रदेश सरकार का एफिडेविट भी है, उस आधार पर इस पर पुनर्विचार होना चाहिए, और सब लोगों को बात करनी भी चाहिए कि, पीथमपुर में कचरा ना जले। महापौर ने कहा कि, पीथमपुर की जनता के विचारों और चिंताओं को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है।
जानकारी के मुताबिक, भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 377 मीट्रिक टन खतरनाक कचरे को हटाने का काम किया जा रहा है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश पर बंदी पड़ी फैक्ट्री के कचरे को निपटान के लिए भोपाल से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 250 किमी दूर इंदौर के पास पीथमपुर ले जाया जाएगा।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के पास पीथमपुर में राजधानी भोपाल से लाया गया, यूनियन कार्बाइड का जहरीले कचरा जलाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है, जहां पीथमपुर के पास स्थित रामकी फैक्ट्री में नष्ट करने की योजना का जमकर विरोध हो रहा है।
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