मौसम में बदलाव के साथ ही लोग मलेरिया, चिकनगुनिया, टायफाइड, पीलिया जैसी घातक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। अब डेंगू का कहर भी देखने को मिलने लगा है। डेंगू के 8 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि शहर में 2 युवकों की मौत हो चुकी है। वहीं मृतकों के परिजन मौत का कारण डेंगू ही मान रहे हैं। वहीं जिला मलेरिया विभाग ने दावा किया है कि, अब तक डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है। शासकीय व निजी अस्पतालों में हर दिन डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं।
मच्छरों का खात्मा करने फागिंग मशीन का हो रहा उपयोग
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे अस्पतालों को नोटिस जारी कर डेंगू के मरीजों की जानकारी तलब की है। इसके साथ ही नगर निगम भी डेंगू की रोकथाम के लिए कीटनाशक दवाओं का छिड़काव नहीं करवा रहा है। आपको बता दें कि, फागिंग मशीन से धुंआ और कीटनाशक का छिड़काव सिर्फ वीवीआइपी क्षेत्रों तक सिमट कर रह गया है। वहीं निगम का दावा है कि, शहर में 9 टीम कीटनाशक दवाओं के साथ ही मच्छरों का खात्मा करने फागिंग मशीन चलवा रही है।
स्वास्थ्य विभाग डेंगू बुखार से पीडि़तों की जानकारी जुटा रहा
सरकारी रिकार्ड में डेंगू के भले ही 8 मामले बताए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी तौर पर डेंगू, मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब मलेरिया विभाग के साथ ही नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में आ गया है। डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने घर-घर सर्वे कर बुखार से पीडि़तों की जानकारी जुटाना शुरु कर दी है। वहीं नगर निगम इन जानलेवा बीमारियों की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहा है।
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