प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने एक राष्ट्र - एक चुनाव विधेयक को मंजूरी दे दी। लोकसभा का आगामी चुनाव वर्ष 2029 में इसी पद्धति से कराया जाएगा। इसके लिए कुछ राज्यों की विधानसभाओं की अवधि बढ़ाई जाएगी, तो कुछ की समयपूर्व समाप्त हो जाएगी।
जनगणना के आधार पर परिसीमन होगा, फिर चुनाव कराए जाएंगे। मध्यप्रदेश में विधानसभा का यह कार्यकाल 2028 में खत्म होगा। इस हिसाब से मध्यप्रदेश की वर्तमान विधानसभा की अवधि एक वर्ष बढ़कर 2029 तक होने की संभावना है। यानी 16वीं विधानसभा के सदस्यों का कार्यकाल पांच के स्थान पर छह वर्ष का रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने एक राष्ट्र - एक चुनाव विधेयक को मंजूरी दे दी। लोकसभा का आगामी चुनाव वर्ष 2029 में इसी पद्धति से कराया जाएगा। इसके लिए कुछ राज्यों की विधानसभाओं की अवधि बढ़ाई जाएगी, तो कुछ की समयपूर्व समाप्त हो जाएगी।
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