मध्य प्रदेश में इस बार मानसून ने कहर बरपाया है। भारी बारिश के कारण अब तक 640 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों का है, जिनके शव बरामद किए जा चुके हैं। राज्य में मानसून के दौरान 15% ज्यादा बारिश हुई है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
12 सितंबर को ही 14 शव बरामद
पिछले हफ़्ते 12 सितंबर को ही राज्य भर में बचाव अभियान के दौरान 14 शव बरामद हुए थे। लगातार हो रही बारिश और बाढ़ को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को छुट्टी पर नहीं जाने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की आशंका जताई है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
इस साल जनवरी से अगस्त तक बिजली गिरने से लगभग 380 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा पूरे साल का है, न कि सिर्फ़ चार महीने के मानसून का। बिजली गिरने से होने वाली मौतों के आंकड़े मौसम विभाग मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर इकट्ठा करता है।
15 फीसदी ज्यादा बारिश हुई
मध्यप्रदेश में मानसून 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है। राज्य में 1 जून से 17 सितंबर तक 1040.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस दौरान सामान्य बारिश 905.3 मिलीमीटर होती है। यानी इस बार 15% ज़्यादा बारिश हुई है। रीवा जिले को छोड़कर बाकी सभी जिलों में औसत या उससे ज़्यादा बारिश हुई है।
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