मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में अनूठा 2 दिवसीय केला उत्सव मनाया जा रहा है। बुरहानपुर जिला प्रशासन के सहयोग से 20 और 21 फरवरी को देश के प्रसिद्ध केला वैज्ञानिक और केला उत्पादक किसान केला उत्पादन, निर्यात की संभावनाओं, केला उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि और से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। बुरहानपुर मध्य प्रदेश का एकमात्र केला उत्पादक जिला है। केले को एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया है और हाल ही में बुरहानपुर को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पुरस्कार भी मिला है।
केले की बिक्री का व्यापार सालाना 1700 करोड़ रुपये
बुरहानपुर से इराक, ईरान, दुबई, बहरीन और तुर्की को सालाना 30 हजार मीट्रिक टन केले का निर्यात हो रहा है। बुरहानपुर केले की प्रसिद्धि दूर-दूर तक पहुंच गई है। केला उत्पादक किसानों की मेहनत और सरकार की मदद ने बुरहानपुर को एक नई पहचान दिलाई है। बुरहानपुर जिले में केले का क्षेत्रफल 23 हजार 650 हेक्टेयर है और 18 हजार से ज्यादा किसान केले की फसल ले रहे हैं। सालाना उत्पादन 16 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा होता है। केले की बिक्री का व्यापार सालाना 1700 करोड़ रुपये के करीब होता है।
फेस्टिवल में कुल 8 सेशन होंगे
एक जिला-एक उत्पाद अंतर्गत बुरहानपुर जिले में ''बनाना फेस्टिवल'' 2024 का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय फेस्टिवल 20-21 फरवरी को बहादरपुर रोड स्थित होटल उत्सव में आयोजित होगा। महोत्सव का शुभारंभ 20 फरवरी को किया जायेगा। बनाना फेस्टिवल में प्रदर्शनी, बायर और सेलर मीट, हेरिटेज वॉक, लाईट एंड साउंड शो, कल्चरल प्रोग्राम, फील्ड विजिट आयोजित रहेगी। वहीं सेल्स, डिजाईन, एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाईल्स एण्ड लेदर टेक्नोलॉजी इत्यादि विषयों पर विशेषज्ञों की तरफ से जानकारी दी जायेगी। केला आनंद मेला अंतर्गत केला व्यंजन प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा। बनाना फेस्टिवल में कुल 8 सेशन आयोजित है, जिसमें विशेषज्ञ जानकारी देंगे। बनाना फेस्टिवल में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की तरफ से मुख्य विषयों पर सेशन आयोजित किये जा रहे हैं।
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