सीएम डॉ मोहन यादव की घोषणा के बाद जल्द ही 500 जवानों की महाकाल मंदिर में तैनाती को लेकर अमल होने वाले है। भोपाल में हुई बैठक में इस फैसले पर मुहर लग गई है। 19 अगस्त को सीएम डॉ मोहन यादव ने महाकाल मंदिर में 500 होमगार्ड की तैनाती को लेकर घोषणा की थी। इन 500 होमगार्ड जवानों की भर्ती के लिए उज्जैन जिले के युवाओं को मौका मिलेगा, खास बात ये है कि इन 500 गार्डों की सैलरी का भार प्रदेश पर नहीं पड़ेगा, इसका पूरा खर्च महाकाल मंदिर समिति ही उठाएगी।
सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है
धार्मिक न्यास विभाग के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान सीएम ने उज्जैन महाकाल मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी होमगार्ड को सौंपने की घोषणा की थी। भोपाल में हुई बैठक में इसको लेकर फैसला हो चुका है। इसको लेकर सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, अब वित्त विभाग की औपचारिक अनुमति बाकी है। अनुमति मिलते ही महाकाल मंदिर में होमगार्ड के सैनिकों की तैनाती की जाएगी।
आठ-आठ घंटे की शिफ्ट
इसको लेकर दिए गए प्रस्ताव में गार्डों की भर्ती के लिए उज्जैन जिले के युवाओं को अवसर बात कही गई है, हालांकि आदेश होना फिलहाल बाकी है। इन गार्डों की सैलरी का खर्च महाकाल मंदिर समिति उठाएगी। मंदिर में ये 500 गार्ड डिप्टी कमांडेंट, कंपनी कमांड और जिला सेनानी के कमांड में रहेंगे। महाकाल मंदिर और महालोक की सुरक्षा में होमगार्ड की तीन कंपनियां लगाई जाएंगी। इन तीन कंपनियों में 492 जवानों की तैनाती होगी, और उनकी ड्यूटी आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में लगाई जाएगी। स्वीकृति मिलते ही इस पर काम शुरू होगा, और इसमें परीक्षा कैसे होगी इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है। फिलहाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था मुंबई की निजी कंपनी के हाथों में है। कई बार एंजेसी के गार्ड द्वारा श्रद्धालुओं से अभद्र व्यवहार करने के आरोप लगे हैं, इसके अलावा मंदिर में दर्शन कराने के बदले पैसे मांगने के भी आरोप श्रद्धालुओं द्वारा लगाए गए हैं।
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