मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानंद ने अपने विचारों से राष्ट्र के युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। वे एक महान चिंतक थे और केवल शरीर से बल्कि कर्म से भी युवा थे। उन्होंने कहा कि योग हमारी भारतीय परंपरा का हिस्सा है। सूर्य नमस्कार की यौगिक क्रियाएं हमारे संपूर्ण जीवन का निचोड़ है। यह केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि हमारे जीवन को सामान्यता से उत्कृष्टता की ओर लेकर जाने का बड़ा माध्यम है। हम रोजाना सूर्य नमस्कार में समाहित 12 योग क्रियाओं के जरिए ही अपने शरीर को निरोगी बनाकर सुखी रह सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
योग हमारी भारतीय परम्परा का है अहम हिस्सा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योगाचार्यों के मार्गदर्शन में सुभाष स्कूल के सभी बच्चों के साथ सूर्य नमस्कार के 12-12 क्रियाओं के तीन चक्र और प्राणायाम भी किया। उन्होंने कहा कि योग सदियों से हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
सूर्य नारायण के प्रकाश से ही जीवन की सार्थकता होती है सिद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सूर्य नारायण संपूर्ण सृष्टि को प्रकाश देकर ऊर्जा का संचार करते हैं। भारतीय संस्कृति के सभी पर्व एवं त्योहारों की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ होती है, जो सूर्य नारायण की आराधना का प्रतीक है। सूर्य नारायण के प्रकाश से ही जीवन की सार्थकता सिद्ध होती है और शरीर ऊर्जा से सराबोर होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से आहवान किया कि वे विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए स्वयं को तैयार करें। प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए नवाचार और नवनिर्माण करें। प्राचीन समृद्ध संस्कृति और विरासत का संरक्षण करें। स्वदेशी को प्रोत्साहित करें। अपने बच्चों को किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे सिर्फ अपने पाठ्यक्रम के अध्ययन तक ही सीमित न रहें, बल्कि जीवन की व्यवहारिकता से भी परिचित हों।
नशे की लत और जंक फूड से बनाएं दूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वाध्याय भी ज्ञान अर्जन का एक सशक्त माध्यम है। सभी को स्वाध्याय करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नशे की लत और जंक फूड से हमेशा के लिए दूरी बनाएं। जंक फूड शरीर को विकृति की ओर ले जाते हैं। इन्हें कम से कम खाएं। पेड़ लगाएं। प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा शारीरिक व्यायाम के लिए अवश्य निकालें। अपना कोई एक पसंदीदा खेल जरूर खेलें। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहें। अपने व्यक्तित्व के साथ चरित्र का भी निर्माण करें। अपनी भावनाएं परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें, हताशा से नहीं, हमेशा आशा से भरे रहें। आधुनिकतम तकनीक का पूरी समझ और संवेदनाओं के साथ उपयोग करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति वसुधैब कुटुम्बकम की परोपकारी भावना पर आधारित है। हम सब अपने जीवन के प्रत्येक पल को आनंद से जिएं। मानवता, समाज, प्रकृति और खुद के साथ दूसरों का जीवन बेहतर बनाने की भावना के साथ आगे बढ़ें।
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