MP के मुखिया शिवराज सिंह ने हाल ही में पूरे राज्य की महिलाओं के लिए एक खास योजना की शुरुआत की है। इस स्कीम का नाम है लाड़ली बहन योजना। आपको बता दें कि, इस योजना का लाभ राज्य की लाखों बहनें उठा रही हैं लेकिन, एक समाज ऐसा भी है जिसकी महिलाओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दरअसल इस समाज की परंपरा ही ऐसी है कि, वह इस योजना का लाभ नहीं उठा सकती हैं।
बेड़िया समाज की महिलाएं कलेक्टर से लगाई गुहार
अपनी परेशानी को लेकर एमपी के विदिशा जिले के नटेरन तहसील के गांव दुलई की बेड़िया समाज की महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंची। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि, उनके गांव की महिलाएं राज्य की शिवराज सरकार की स्कीन "लाडली बहना योजना" का लाभ नहीं ले पा रही हैं, क्योंकि इस योजना के तहत 21 साल से 60 साल तक की महिलाओं को लाभ दिया जा रहा है, मगर लाभ उठाने के लिए फार्म भरते वक्त पति का नाम जरूर लिखना होता है।
शादी नहीं होती, पति कहां से लाएं
जानकारी के अनुसार, बेड़िया समाज की महिलाएं दूसरे के कार्यक्रमों में नाचने-गाने का काम करती हैं। इस समाज की ज्यादातर महिलाएं ऐसे ही अपना पेट पालती हैं। इस समाज की महिलाएं परंपरा के मुताबिक शादी नहीं करती हैं और न ही इनके आईडी कार्ड्स में पिता का नाम होता है। संतान पैदा करना इनकी मजबूरी है, इसलिए यह बिना शादी किए ही संतान पैदा करती हैं। ऐसे में इन महिलाओं ने सवाल किया है कि, जब उनके समाज की महिलाओं की शादी ही नहीं होती है तो वह पति का नाम कहां से लाएं।
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