रायपुर। राजधानी रायपुर में आज से औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके साथ ही रायपुर छत्तीसगढ़ का ऐसा प्रमुख शहर बन गया है, जहां कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था शुरू की गई है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है।
राज्य सरकार ने IPS संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त (पुलिस कमिश्नर) नियुक्त किया है। नई व्यवस्था के तहत राजधानी रायपुर को तीन पुलिस जिलों में विभाजित किया गया है—
- रायपुर पश्चिम
- रायपुर मध्य
- रायपुर उत्तर
इस विभाजन का उद्देश्य अपराध नियंत्रण, त्वरित निर्णय प्रक्रिया और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
कमिश्नरेट सिस्टम में नई नियुक्तियां
कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के साथ ही कुल 15 IPS अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।
- IPS अमित तुकाराम कांबले को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर नगरीय बनाया गया है।
- IPS विकास कुमार को डीसीपी ट्रैफिक व प्रोटोकॉल, रायपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- IPS राजनाला स्मृतिक डीसीपी क्राइम व साइबर, रायपुर बनाए गए हैं।
- IPS उमेश प्रसाद गुप्ता को पुलिस उपयुक्त रायपुर नगरीय (मध्य) नियुक्त किया गया है।
- IPS मयंक गुर्जर उपायुक्त उत्तर रायपुर नगरीय होंगे।
- IPS संदीप पटेल पुलिस उपयुक्त रायपुर पश्चिम बनाए गए हैं।
- इसके अलावा श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को एसपी, रायपुर ग्रामीण
- IPS इंदु अग्रवाल को सहायक पुलिस आयुक्त, आजाद चौक
- IPS दिव्यांग पटेल को पुलिस अधीक्षक रेल, रायपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
राज्य स्तर पर भी कई वरिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापना की गई है—
- IPS रामगोपाल गर्ग — आईजी, बिलासपुर रेंज
- IPS अभिषेक शांडिल्य — आईजी, दुर्ग रेंज
- IPS बालाजी राव सोमावर — आईजी, राजनांदगांव रेंज
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादले
राज्य पुलिस सेवा के 8 अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं।
- तारकेश पटेल — एडिशनल DCP मध्य
- राहुल देव शर्मा — एडिशनल DCP पश्चिम
- आकाश मरकाम — एडिशनल DCP उत्तर
- विवेक शुक्ला और डी.आर. पोर्ते — एडिशनल DCP ट्रैफिक
- गौरव मंडल और अनुज गुप्ता — एडिशनल DCP क्राइम एवं साइबर
- अर्चना झा — एडिशनल DCP हेडक्वार्टर AJK/DSB
अपराध नियंत्रण पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली से अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और बेहतर कानून व्यवस्था सुनिश्चित होगी। पुलिस आयुक्त को अधिक प्रशासनिक अधिकार मिलने से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
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