रायपुर: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 15 अक्टूबर से प्रदेश के दक्षिणी हिस्से, खासकर बस्तर क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है।इससे पहले प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। हालांकि, राजनांदगांव जिले में 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस और पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
क्यों बदल रहा है छत्तीसगढ़ का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बनी मौसमी प्रणालियों के कारण छत्तीसगढ़ के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। दक्षिण भारत के कोमोरिन क्षेत्र से लेकर ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से तक एक ट्रफ बना हुआ है।इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे बिहार के क्षेत्र में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण वातावरण में नमी बढ़ने और बादल बनने की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। इसका असर दक्षिण छत्तीसगढ़ में अधिक दिखाई दे सकता है।
बस्तर संभाग में आंधी-बारिश की संभावना
15 अक्टूबर से दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। बस्तर संभाग में मौसम बदलने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ बिजली गिरने की आशंका भी है। हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में एक जैसी बारिश होने का अनुमान नहीं है।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?
अगले दो दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। दक्षिणी इलाकों में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है, जबकि प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में मौसम शुष्क भी रह सकता है।फिलहाल पूरे प्रदेश में लगातार बारिश का अनुमान नहीं है। मौसम की स्थिति स्थानीय मौसमी प्रणालियों और नमी की उपलब्धता पर निर्भर करेगी।
तापमान में भी दिख रहा है बदलाव
प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बीच तापमान में भी क्षेत्रवार अंतर दर्ज किया गया है। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।राजनांदगांव में 20 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। आने वाले दिनों में बादलों और बारिश की गतिविधियों के कारण कुछ क्षेत्रों में तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
आंधी और बिजली गिरने के दौरान बरतें सावधानी
गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स से दूर रहें।
मौसम खराब होने पर सुरक्षित पक्के भवन के अंदर रहें।
स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की सलाह पर ध्यान दें।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 15 अक्टूबर से दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में बस्तर समेत प्रभावित इलाकों में लोगों को अगले दो दिनों तक मौसम पर नजर बनाए रखनी चाहिए।