रायपुर। राज्य सरकार के एक और विभाग में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। इस बार आरोप मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के आयोजन को लेकर लगे हैं। कांग्रेस ने महिला एवं बाल विकास विभाग पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जंबूरी भ्रष्टाचार 2.0 करार दिया है। कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने आरोप लगाया कि 10 फरवरी को साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाले इस बड़े कार्यक्रम के लिए बिना निविदा प्रक्रिया के ही करोड़ों का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़े कार्यों की लागत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, इसके बावजूद न तो टेंडर निकाला गया और न ही पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई गई।
बिना निविदा कैसे शुरू हुआ काम?
सुबोध हरितवाल के अनुसार, 4 फरवरी को केवल 5 कंपनियों को आमंत्रित किया गया और उन्हें 24 घंटे के भीतर डिजाइन प्रेजेंटेशन के साथ प्रस्ताव देने को कहा गया। सवाल यह उठता है कि इतने कम समय में ऐसा कौन-सा ड्राइंग और डिजाइन लेआउट तैयार हो सकता है, जो पहले से स्वीकृत न हो।
कांग्रेस का दावा है कि साइंस कॉलेज मैदान में बिना टेंडर के ही काम शुरू हो चुका है, जबकि इस मैदान का उपयोग आमतौर पर वर्क ऑर्डर के आधार पर ही दिया जाता है।
CSIDC की भूमिका पर भी सवाल
कांग्रेस ने यह भी कहा कि आमतौर पर ऐसे बड़े आयोजनों के लिए CSIDC (छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) द्वारा निविदा आमंत्रित की जाती है, लेकिन इस मामले में उस प्रक्रिया को पूरी तरह दरकिनार किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग पर आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि महिला एवं बाल विकास मंत्री के अधीन पूरा विभाग इस भ्रष्टाचार में संलिप्त है। पार्टी ने सवाल किया कि क्या साइंस कॉलेज मैदान का वर्क ऑर्डर पहले ही दे दिया गया था? जब निविदा नहीं निकली, तो काम किस आधार पर शुरू हुआ? क्या सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है? कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि यदि सरकार ने जवाब नहीं दिया, तो आंदोलन किया जाएगा।
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