सर्दी का मौसम शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश ने प्रदेश में ठंडक बढ़ा दी है। बारिश के कारण मध्य प्रदेश में कई जगहों पर सब्जियां महंगी हो गई हैं। सब्जियों की कीमत में वृद्धि से आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, मध्य प्रदेश में चक्रवात के कारण लगातार बारिश हो रही है और इस बारिश की वजह से ज्यादातर सब्जियां स्थानीय स्तर पर खराब हो गई हैं। सब्जियों की आपूर्ति के लिए इसे बाहर से मंगाया जा रहा है। इंदौर में भी ज्यादातर सब्जी पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से मंगाई जा रही हैं।
लहसुन और प्याज की कीमत सबसे अधिक
इंदौर वासियों को महाराष्ट्र की सब्जी पर निर्भर रहना पड़ता है। लंबी दूरी से आने की वजह से सब्जी की कीमतें अधिक हो जाती हैं। इंदौर के लोग भी महंगी सब्जी खरीदने को मजूबर हैं। जो सब्जियां सबसे अधिक महंगी हुई हैं, उनमें लहसुन और प्याज की कीमत सबसे अधिक है। इंदौर की चोइथराम सब्जी मंडी में बुधवार (29 नवंबर) लहसुन का भाव 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। इतनी महंगी लहसुन को देखकर लोग इसे व्हाइट गोल्ड समझ कर खरीद रहे हैं। वहीं प्याज के भाव की बात करें, तो पहले से ही प्याज की कीमतें आम आदमी को रुला रही हैं।हरी सब्जियों का भाव
इंदौर में बुधवार को प्याज की कीमतें 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। लंबे समय से प्याज की आसमान छूती कीमतों को सभी वर्ग के लोगों ने स्वीकार कर लिया है। यहीं वजह है कि अब किचन में प्याज कम ही दिख रहा है। इंदौर में हरी सब्जियों के भाव की बात करें, तो फूलगोभी 30 रुपये नग, पत्ता गोभी 30 रुपये नग, करेला 40 रुपये किलो, गिलकी 60 रुपये, अदरक और मेथी 30 रुपये और पालक 40 रुपए तक है।Read More: व्यक्ति और परिस्थितियों ने मुझे नेता बनाया, अब खनन मेरा सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा - उमा भारती
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