दिल्ली।आम आदमी पार्टी (AAP) में आज एक बड़ी राजनीतिक बगावत देखने को मिली। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा,अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। इस कदम के साथ AAP के अंदर हलचल बढ़ गई है और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता देखने को मिली है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया ऐलान
तीनों सांसदों ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने फैसले की घोषणा की। संदीप पाठक ने कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी को आगे रखा और अरविंद केजरीवाल को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी बताया कि देश में लाखों पार्टी कार्यकर्ता हैं जो पार्टी को आगे बढ़ाते हैं, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं।
राघव चड्ढा का स्पष्ट संदेश
राघव चड्ढा ने कहा, "हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए बीजेपी में विलय कर लेंगे। जिस आम आदमी पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा, वह अब अपने मूल लक्ष्यों से भटक चुकी है और व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है।"
राजनीतिक असर और प्रतिक्रिया
तीनों सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद AAP के अंदर हलचल बढ़ गई है। राजनीतिक विश्लेषक इसे दिल्ली और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के लिए एक बड़ा झटका मान रहे हैं। बीजेपी के लिए यह एक रणनीतिक सफलता है, जबकि AAP को अपने कार्यकर्ता और विधायकों को बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।