केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 12 और 13 जून को स्विट्जरलैंड का दौरा करेंगे। इस दौरान वे भारत–EFTA ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) के क्रियान्वयन और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने को लेकर कई अहम बैठकों में हिस्सा लेंगे।
भारत-EFTA आर्थिक साझेदारी को मिलेगा बढ़ावा
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा भारत और EFTA (European Free Trade Association) सदस्य देशों के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत और EFTA के सदस्य देश—Switzerland, Norway, Liechtenstein और Iceland—ने मार्च 2024 में TEPA समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ था।
स्विस राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारियों से करेंगे मुलाकात
अपने दौरे के दौरान पीयूष गोयल स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति Guy Parmelin और आर्थिक मामलों की राज्य सचिव Helene Budliger Artieda से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में TEPA के क्रियान्वयन, व्यापारिक बाधाओं के समाधान, निवेश बढ़ाने और संस्थागत सहयोग को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
फार्मास्यूटिकल उद्योग के नेताओं से भी होगी बातचीत
केंद्रीय मंत्री स्विस फार्मास्यूटिकल उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेंगे। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और उद्योग से जुड़े परिचालन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
ज्यूरिख में निवेशकों से करेंगे संवाद
दौरे के दौरान पीयूष गोयल Zurich में स्विस कंपनियों और निवेशकों से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य भारत में निवेश के नए अवसरों को प्रस्तुत करना और दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करना है।
वरिष्ठ अधिकारी भी रहेंगे साथ
इस उच्चस्तरीय दौरे में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। सरकार को उम्मीद है कि यह दौरा TEPA के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ भारत और स्विट्जरलैंड के बीच दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को नई गति देगा।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि TEPA समझौता दोनों पक्षों के लिए व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग के नए अवसर खोलेगा। स्विट्जरलैंड दौरा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भारतीय उद्योगों और निवेशकों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।