दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण की अहम बैठक आज दुर्ग जिले के पीडब्ल्यूडी सभागार में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्राधिकरण को 80 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान प्रस्तावित किया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल, लक्ष्मी रजवाड़े, गुरु सुखवंत साहेब, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, राज्य शासन के वरिष्ठ सचिव, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा प्रदेश के 18 जिलों के कलेक्टर समेत कई विधायक उपस्थित रहे।
विकास कार्यों को मिलेगी गति
बैठक के दौरान सदस्यों द्वारा प्राधिकरण के विकास, केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर सुझाव दिए गए। इन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। प्रस्तावित 80 करोड़ रुपए के बजट से प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में विकास को नई गति मिलेगी।
IIT भिलाई के लिए बड़ा कदम
बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के एकमात्र IIT भिलाई में प्रस्तावित IIT पार्क के निर्माण को लेकर 40 विभिन्न कंपनियों के साथ हुए MOU पर मुख्यमंत्री ने हस्ताक्षर किए। इससे आने वाले समय में IIT के विद्यार्थियों को रोजगार, प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
35 विधानसभा और 18 जिले शामिल
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में कुल 5 प्राधिकरण कार्यरत हैं, जिनमें राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण भी शामिल है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 35 विधानसभा सीटें और 18 जिले आते हैं। पिछले दो महीनों में यह बैठक दो बार स्थगित हुई थी, लेकिन आज सफलतापूर्वक इसका आयोजन हुआ।
बैठक में लिए गए फैसलों से राज्य के ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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