Investors summit: मध्यप्रदेश के इंदौर (Indore) में रविवार को प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आगाज हो गया है। इसके बाद 11 और 12 जनवरी को ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (जीआईएस) 2023 का आयोजन होगा। इसे आयोजन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने अपनी प्रतिक्रिया दी हैं। कमलनाथ का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन करने से निवेशकों में विश्वास नहीं बनता है। निवेश तब बनेगा जब इन्वेस्टर्स को मध्यप्रदेश में विश्वास होगा।
इन्वेस्टर्स मध्यप्रदेश में आएं मैं इसका स्वागत करता हूं
पीसीसी चीफ कमलनाथ (Kamalnath) ने कहा कि पिछले 18 सालों में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कितना निवेश (Investment) आया हैं ये सबकों पता है। इन्वेस्टर्स मध्यप्रदेश में आएं मैं इसका स्वागत करता हूं। लेकिन सम्मेलन करने से निवेशकों में विश्वास नहीं बनता। निवेश तब आएगा जब इन्वेस्टर्स को मध्यप्रदेश में विश्वास होगा। उन्होंने आगे कहा कि मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) 5 प्रदेशों से घिरा हुआ है। दक्षिण में जिसे समान बेचना है वो उत्तर में कारखाने लगाता है। मध्यप्रदेश की पहचान में भ्रष्टाचार और ऐसी नीति है जिसका क्रियान्वयन नहीं होता है, इस वजह से मध्यप्रदेश में निवेश (Investment) नहीं आता है। ये भी पढे़- Kolkata: G20 ग्रप ने वित्तीय समावेशन पर की पहली बैठक, डिजिटल लेन-देन पर होगी बात
जो मांगे पूरी हो सकती है उनके ऊपर सरकार बात करें
पीसीसी चीफ कमलनाथ ने करणी सेना का भी समर्थन (Support) किया है। उन्होंने कहा कि मैंने समर्थन (Support) किया है कि सरकार ‘करणी सेना परिवार’ की बातों को सुने, जो मांगे पूरी हो सकती है उनके ऊपर सरकार बात करें। दबाने और भड़काने से कुछ नहीं होगा। पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि जो मांगे हो सकती है उस पर सरकार बैठकर जरुर बातचीत करें। कांग्रेस उनके साथ है, सरकार बनने के बाद जायज मांगों को पूरा करेंगे।
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