राजधानी भोपाल में पिछले कुछ महीनों से त्वचा जलने, एलर्जी और रैशेज के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है जिनकी त्वचा बाजार में उपलब्ध कुछ क्रीम लगाने के बाद खराब हो गई। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग को कार्रवाई के लिए मजबूर करने वाली साबित हुई और इसके बाद विभाग ने 18 संदिग्ध क्रीम की सूची पर तत्काल अलर्ट जारी किया।
बाजार में उपलब्ध कई सौंदर्य प्रसाधनों में खतरनाक रसायनों की मौजूदगी
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पाया गया कि बाजार में बिक रही कई क्रीम में स्टेरॉयड, हाइड्रोक्विनोन और टॉक्सिक केमिकल्स का स्तर निर्धारित मानक से कहीं अधिक है। ये तत्व त्वचा को अस्थायी रूप से गोरा या चमकदार तो दिखा सकते हैं, लेकिन लंबे समय में वे त्वचा की प्राकृतिक परत को नुकसान पहुंचाकर जलन, डिसकलरशन और स्थायी दाग पैदा कर देते हैं। इनमें से कई क्रीम बिना लाइसेंस और बिना मानक प्रमाणन के खुले बाजार में आसानी से मिल जाती हैं।
डॉक्टरों की सलाह: स्वयं उपचार न करें, विशेषज्ञ की राय लें
त्वचा रोग विशेषज्ञों ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे किसी भी क्रीम का चयन केवल टीवी विज्ञापनों, ऑनलाइन ट्रेंड या दुकानदार की सलाह पर न करें। डॉक्टरों के अनुसार त्वचा की बनावट हर व्यक्ति में अलग होती है, इसलिए सामान्य दिखने वाली क्रीम भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पैदा कर सकती है। कई युवा और किशोर गोरेपन की चाह में स्टेरॉयड-आधारित क्रीम का उपयोग करते हैं, जिससे भविष्य में त्वचा पतली होने और इन्फेक्शन का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और आगे की कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने जिन 18 क्रीम पर अलर्ट जारी किया है, उनकी जांच के लिए विस्तृत सैम्पलिंग शुरू कर दी गई है। बाजार से संदिग्ध उत्पादों को उठाया जा रहा है और बिना लाइसेंस बेचने वाले विक्रेताओं पर कार्रवाई की तैयारी है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहना होगा और किसी भी असुरक्षित उत्पाद की शिकायत हेल्पलाइन पर दर्ज करानी चाहिए ताकि समय रहते नुकसान को रोका जा सके।
सुरक्षित स्किनकेयर का महत्व और जागरूकता की जरूरत
त्वचा हमारी सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक परत है, जिसे गलत उत्पादों से नुकसान पहुंचाना कई बार स्थायी दुष्परिणाम दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में फैलते अनियंत्रित कॉस्मेटिक उत्पादों को रोकने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। लोगों को यह समझना होगा कि तत्काल गोरेपन और चमक का वादा करने वाली क्रीम अक्सर खतरनाक रसायनों पर आधारित होती हैं, इसलिए प्राकृतिक और चिकित्सकीय रूप से सुरक्षित विकल्पों को ही प्राथमिकता देना चाहिए।
Comments (0)