मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में अवैध कॉलोनियों का तेजी से विस्तार हुआ है। ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है, जिन्होंने झांसे में आकर प्लॉट खरीदकर अपना आशियाना बनाने का सपना देखा होता है। अब सरकार ने इन धोखेबाजों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है और उन्हें करोड़ों रुपये का जुर्माना देना होगा।
एक ही लाइसेंस प्रणाली लागू होगी
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने प्रदेश में अवैध कॉलोनियों के जाल को खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत पूरे प्रदेश के लिए एक ही लाइसेंस प्रणाली लागू होगी, जिसमें भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान होगा। मध्य प्रदेश में ‘एकीकृत कॉलोनाइजर एक्ट’ (एकीकृत अधिनियम) की तैयारी की जा रही है। इस अधिनियम के तहत लाइसेंस लेने के बाद कॉलोनाइजर पूरे प्रदेश में कहीं भी वैध प्रोजेक्ट शुरू कर सकेंगे।
विधानसभा बजट सत्र में पेश किया जाएगा
16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र में इसे पेश किया जाएगा। नए प्रावधानों के अनुसार, अवैध कॉलोनी विकसित होने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। वहीं, अवैध कॉलोनी बनाने वालों को अब 10 लाख रुपये की बजाय 1 करोड़ रुपये का जुर्माना देना होगा और 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान भी रहेगा।
Comments (0)