मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट भाषण की शुरुआत एक कविता के साथ की। उन्होंने कहा कि यही जुनून, यही एक ख्वाब मेरा है, वहां चिराग जला दूं जहां अंधेरा है, जनता व जनप्रतिनिधियों की बेशुमार फरमाइशें हैं, कर सकें हम सब पूरी, ये हमारी कोशिशें हैं। इस काव्यात्मक शुरुआत के साथ उन्होंने राज्य के विकास और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाया। उन्होंने कहा कि इस बजट को ‘जीरो वेस्ट बजटिंग प्रक्रिया’ के तहत तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य विकसित मध्यप्रदेश का निर्माण करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की हर नीति और योजना का केंद्रबिंदु जनता का कल्याण है।
लाडली बहना योजना के तहत लाभार्थियों को केंद्र सरकार की योजनाओं से जोड़ा जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन योजना लागू करने पर विचार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। गृह विभाग के लिए 12,876 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1,585 करोड़ रुपये अधिक है। जेल विभाग के लिए 794 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मध्यप्रदेश बजट 2025-26 की बड़ी बातें
- अगले पांच सालों में उद्योगों को तीस हजार करोड़ रुपये के इंसेंटिव दिए जाएंगे।
- राज्य में 39 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।
- प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जाएंगे, 100 करोड़ का प्रावधान।
- पशु पालन, मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सीएम वृंदावन ग्राम योजना का ऐलान किया गया है।
- सिंहस्थ 2028 के विकास कार्य के लिए 2 हजार करोड़ का प्रावधान।
- 1 लाख किलोमीटर की सड़क और 500 आरओबी बनाए जाएंगे।
- मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच 2 हजार मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क विकसित किया जाएगा।
- बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान।
- जेल विभाग के लिए 794 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
- आकांक्षा योजना के लिए 20 करोड़ 52 लाख का प्रावधान किया गया है।
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