मध्य प्रदेश में जमीन और मकानों की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी तेज हो गई है। राजस्व एवं पंजीयन विभाग ने प्रदेशभर की 74 हजार से अधिक लोकेशनों का सर्वे पूरा कर लिया है। इसी सर्वे के आधार पर नई कलेक्टर गाइडलाइन (मार्केट वैल्यू गाइडलाइंस) तैयार की जा रही है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी।
AI और सैटेलाइट इमेजरी से हुआ सर्वे
इस बार दरें तय करने की प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग किया गया है। इससे पिछले एक वर्ष में हुए नए विकास कार्य, भवन निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को भी गाइडलाइन में शामिल किया जा सकेगा, जो पहले कई बार छूट जाते थे।
प्राइम लोकेशनों पर बढ़ेंगी दरें
प्रदेश की कई प्रमुख लोकेशनों पर प्रॉपर्टी दरों में वृद्धि की संभावना है।
- भोपाल में 500 से अधिक इलाकों में बढ़ोतरी के संकेत
- इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित अन्य शहरों में भी सैकड़ों लोकेशन अपडेट
- कुछ जिलों में 10% से 100% तक वृद्धि के प्रस्ताव
- औसतन 15–20% तक बढ़ोतरी संभावित
खरीदारों पर पड़ेगा असर
नई दरें लागू होने के बाद प्रॉपर्टी रजिस्ट्री, स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में इजाफा होगा। इसका सीधा असर आम खरीदारों और निवेशकों पर पड़ेगा। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह बदलाव बाजार मूल्य के अनुरूप और वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर किया जा रहा है, ताकि वास्तविक कीमतों को प्रतिबिंबित किया जा सके।
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