पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से उच्च नमी के असर से मध्य प्रदेश के मौसम में भारी बदलाव आया है। गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक प्रदेश के कई जिलों में बूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौर रहा। भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, सागर, उज्जैन, शाजापुर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, छतरपुर, पन्ना और सतना सहित कई क्षेत्रों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई।
किसानों को नुकसान की आशंका बढ़ गई
मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार और शुक्रवार को कई इलाकों में तेज हवाओं और झंझावात के साथ बारिश दर्ज की गई। सीहोर में हवाओं की अधिकतम रफ्तार 41 किमी प्रति घंटा रही, जबकि भोपाल में 37 किमी प्रति घंटा और इंदौर में 33 किमी प्रति घंटा की गति रिकॉर्ड की गई। इन तेज हवाओं का सबसे ज्यादा असर खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल पर पड़ा है। सीहोर, राजगढ़ और गुना जिलों में गेहूं की फसल हवा के दबाव से झुक गई, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
25 प्रतिशत तक उत्पादन घट सकता है
कृषि विज्ञानी सतीश परसाई ने कहा कि बेमौसम वर्षा, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने गेहूं, चना, मटर, मसूर, सरसों व धनिया को नुकसान पहुंचाया है। फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे 25 प्रतिशत तक उत्पादन घट सकता है। गेहूं व धनिया गिरने से टूट गई हैं। इनको सबसे अधिक नुकसान होगा। दानों की गुणवत्ता प्रभावित होगी, उनमें नमी बढ़ने से भंडारण के दौरान अधिक कीट समस्या आएगी। कई जगहों पर राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का आकलन करने खेतों में पहुंचे।
27 जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, उज्जैन, रीवा और जबलपुर संभाग के 27 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, अशोक नगर, रीवा, मऊगंज, सतना, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर जिले शामिल हैं। इनमें से 19 जिलों में तेज हवाएं चलने, झंझावात और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी हुई है।
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