मंडला जिले के नैनपुर स्टेशन पर दोपहर का सामान्य समय अचानक तब थम गया जब तेज सायरन की आवाज ने चारों ओर अफरा-तफरी जैसा दृश्य बना दिया। स्टेशन परिसर में जवान तेजी से दौड़ते नजर आए और स्ट्रेचर पर घायल जैसी अवस्था में लोगों को ले जाते हुए देखा गया। यात्रियों को कुछ देर के लिए लगा कि कोई बड़ा हमला या हादसा हो गया है, लेकिन जल्द ही स्पष्ट हो गया कि यह सुरक्षा तैयारी को परखने के उद्देश्य से आयोजित एक बड़ा मॉक ड्रिल था।
सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त रणनीति का प्रदर्शन
यह मॉक ड्रिल रेलवे प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की संयुक्त पहल थी, जिसका मकसद संभावित आतंकी हमले, बम विस्फोट या वीवीआईपी अपहरण जैसी आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया क्षमता को जांचना था। सुरक्षा बलों ने इस अभ्यास के दौरान वास्तविक स्थिति जैसी चुनौतियाँ तैयार कीं ताकि हर इकाई अपनी भूमिका को व्यवहारिक रूप से निभा सके।
बम निरोधक दस्ते की सक्रिय भूमिका
ड्रिल के दौरान संदिग्ध वस्तु मिलने की स्थिति को बनाया गया, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। विस्फोटक की जांच, निष्क्रिय करने की तकनीक और क्षेत्र को सुरक्षित करने की चरणबद्ध कार्रवाई ने सुरक्षा तैयारियों की गंभीरता को प्रदर्शित किया।
घायलों के बचाव और चिकित्सा प्रतिक्रिया का परीक्षण
एनडीआरएफ और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मिलकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने और तत्काल प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया। स्ट्रेचर पर घायल व्यक्तियों को ले जाने, मेडिकल टीम द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया देने और अस्पताल पहुंचाने के सिमुलेशन ने राहत कार्यों की गति और समन्वय की गुणवत्ता को परखा।
बहु-एजेंसी समन्वय की मजबूत मिसाल
इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ, आरपीएफ, जीआरपी, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सहित कई एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रत्येक इकाई ने अपना दायित्व पूरी सतर्कता के साथ निभाया ताकि भविष्य में यदि कोई वास्तविक संकट उत्पन्न होता है, तो प्रतिक्रिया संगठित और प्रभावी हो। नैनपुर एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन होने के कारण इस प्रकार की तैयारी सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सुरक्षा का सबसे बड़ा आधार है तैयारी
अधिकारियों का मानना है कि चाहे खतरा मानवजनित हो या प्राकृतिक, सजगता और पूर्व तैयारी ही संकट के समय सबसे बड़ी सुरक्षा कवच बनती है। नैनपुर स्टेशन पर आयोजित यह मॉक ड्रिल इसी दृढ़ता और चौकसी का उदाहरण है, जो यात्रियों और सिस्टम दोनों के प्रति सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिबद्धता को प्रमाणित करता है।
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