मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले का डबरा नगर अब प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक नक्शे पर एक नई पहचान बना रहा है। यहां 13.75 एकड़ में फैला और 90 फीट ऊंचे शिखर वाला मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। यह भव्य मंदिर न केवल अपनी विशालता, बल्कि अपनी अद्भुत वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व के कारण भी खास है।
नवग्रहों को समर्पित अनूठा मंदिर
इस मंदिर में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु—सभी नवग्रहों की अलग-अलग और विधिवत स्थापना की गई है। प्रत्येक ग्रह के लिए विशेष वेदी, पूजा स्थल और निर्धारित परिक्रमा मार्ग बनाया गया है, जिससे श्रद्धालु शास्त्रसम्मत तरीके से पूजा-अर्चना कर सकें।
90 फीट ऊंचा शिखर बना आकर्षण का केंद्र
मंदिर का मुख्य शिखर करीब 90 फीट ऊंचा है, जो दूर से ही श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। शिखर की डिजाइन पारंपरिक नागर शैली पर आधारित है, जिसमें आधुनिक स्थापत्य कला का भी समावेश किया गया है। रात के समय की जाने वाली भव्य लाइटिंग मंदिर की सुंदरता को और बढ़ा देती है।
13.75 एकड़ में फैला भव्य परिसर
मंदिर परिसर लगभग 13.75 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया गया है। इसमें विशाल प्रांगण, ध्यान केंद्र, यज्ञशाला, परिक्रमा पथ, जल संरचनाएं और हरित क्षेत्र शामिल हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैठने, विश्राम और दर्शन की समुचित व्यवस्थाएं की गई हैं।
ज्योतिष और अध्यात्म का संगम
नवग्रह मंदिर को ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष माना जा रहा है। मान्यता है कि यहां विधिवत पूजा करने से ग्रह दोष, कालसर्प दोष और अन्य ज्योतिषीय बाधाओं से राहत मिल सकती है। इसी कारण इसे नवग्रह शक्तिपीठ के रूप में भी देखा जा रहा है।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस मंदिर के निर्माण से डबरा और ग्वालियर अंचल में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। देशभर से श्रद्धालुओं और ज्योतिष में आस्था रखने वाले लोगों के यहां आने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
जल्द होगा भव्य उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा
सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में शीघ्र ही भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर संत-महात्माओं, विद्वानों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
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