पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर तीखा हमला बोला है।पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा मध्यप्रदेश की जनता भाजपा की डबल इंजन सरकार से डबल मुसीबत में फंस गई है। एक तरफ़ प्रदेश के ऊपर कर्ज़ का बोझ बढ़ता चला जा रहा है तो दूसरी तरफ़ केंद्र सरकार राज्य को उसके हिस्से का पैसा नहीं दे रही है।
सिर्फ 22 फीसदी फंड ही दिल्ली से आया
हक़ीक़त यह है कि मध्यप्रदेश के 25 विभागों के लिए केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से 20 जनवरी के बीच में एक रुपया नहीं दिया है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के किसान कल्याण, कृषि विकास और ग्रामीण विकास विभाग से ही 7774.54 करोड़ रुपए नहीं मिल सके हैं।केंद्र सरकार से एमपी को चालू वित्त वर्ष में 44,355.83 करोड़ रुपए मिलने थे। अब तक 10 माह बीतने पर भी सिर्फ 9753.05 करोड़ रुपए ही मिल सके हैं। इस तरह सिर्फ 22 फीसदी फंड ही दिल्ली से आया है।
जल जीवन मिशन के लिए 8561.22 करोड़ दिए जाने हैं
पीएचई विभाग को जल जीवन मिशन के लिए 8561.22 करोड़ दिए जाने हैं लेकिन दस माह में एक रुपए भी नहीं दिए गए। मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम के लिए 150 करोड़ और नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपए देने के लिए कहा है लेकिन एक रुपए भी नहीं दिए गए। दुर्भाग्य की बात है कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद प्रदेश सरकार केंद्र से अपने हिस्से का पैसा प्राप्त नहीं कर पा रही है। स्पष्ट है कि केंद्र सरकार मध्य प्रदेश के साथ भेदभाव कर रही है और प्रदेश के भाजपा नेता प्रदेश की जनता के हित को पार्टी हित के सामने गिरवी रख रहे हैं।यही स्थिति बनी रही तो पहले से ही वित्तीय संकट से गुज़र रहा मध्यप्रदेश भारी आर्थिक संकट में फंस जाएगा। मैं मांग करता हूं कि केंद्र सरकार शीघ्र अतिशीघ्र प्रदेश को आवंटित राशि निर्गत करे।
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