मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दावोस में उनकी सहभागिता केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं थी, बल्कि यह मध्यप्रदेश के हर नागरिक की उम्मीदों और संभावनाओं का वैश्विक मंच पर प्रस्तुतीकरण थी। उन्होंने दुनिया को यह संदेश दिया कि मध्यप्रदेश आज निवेश के लिए नीतिगत स्थिरता, प्रशासनिक पारदर्शिता और सहयोगी शासन व्यवस्था के साथ पूरी तरह तैयार राज्य है।
वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की सशक्त उपस्थिति
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मध्यप्रदेश ने सक्रिय, रणनीतिक और बहुआयामी भागीदारी दर्ज की। उद्योग, ऊर्जा, तकनीक, पर्यटन, कृषि, शिक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश केवल संभावनाओं की बात नहीं करता, बल्कि ठोस निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सक्षम है।
निवेशकों का भरोसा: ग्रीन ग्रोथ से रोजगार सृजन तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि नवकरणीय ऊर्जा, स्वच्छ विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, औद्योगिक विस्तार और रोजगार सृजन को लेकर राज्य की स्पष्ट रणनीति ने वैश्विक निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है। अनेक अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और उद्योग समूहों के साथ सकारात्मक संवाद हुए हैं, जिनके परिणाम आने वाले समय में निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार के रूप में सामने आएंगे।
‘समृद्ध मध्यप्रदेश @2047’ का विज़न
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल पूंजी निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार, किसानों को समृद्धि, महिलाओं का सशक्तिकरण और प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाना है। ‘समृद्ध मध्यप्रदेश @2047’ के विज़न के तहत एक मजबूत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख अर्थव्यवस्था के निर्माण पर फोकस किया जा रहा है।
निवेश के लिए अनुकूल इकोसिस्टम और नीतिगत मजबूती
दावोस में निवेशकों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि मध्यप्रदेश में नीति स्थिरता, पारदर्शिता, प्रशासनिक सहयोग और तेज़ क्रियान्वयन सुनिश्चित है। राज्य की मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था, रोजगार सृजन वाले उद्योग इकोसिस्टम और दीर्घकालिक साझेदारी की सोच को निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा गया।
प्राथमिक क्षेत्र: ऊर्जा से लेकर ईवी और फार्मा तक
नवकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो और ईवी कंपोनेंट्स, टेक्सटाइल और फार्मा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहा। औद्योगिक पार्क, प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं, सिंगल विंडो स्वीकृति प्रणाली और ऑफ्टर-केयर यानी पोस्ट-इन्वेस्टमेंट सपोर्ट को निवेशकों के लिए बड़े आकर्षण के रूप में प्रस्तुत किया गया।
ग्रीन ट्रांज़िशन और पर्यटन पर वैश्विक संवाद
मुख्यमंत्री ने बताया कि “De-Risking the Green Leap: Subnational Blueprints for Utility-Scale Energy Transition” सत्र में राज्य के ग्रीन ट्रांज़िशन मॉडल पर चर्चा हुई। बीते 15 वर्षों में मध्यप्रदेश ने स्थापित विद्युत क्षमता में 73 गुना वृद्धि हासिल की है। वहीं “Reimagining Tourism at Scale” सत्र में राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और विरासत आधारित पर्यटन क्षमताओं को वैश्विक निवेशकों के समक्ष रखा गया। मालदीव के पर्यटन मंत्री के साथ पर्यटन विकास, रूट कनेक्टिविटी और कौशल विकास पर भी सार्थक चर्चा हुई।
उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ रणनीतिक बातचीत
मध्यप्रदेश को रणनीतिक निवेश हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम पर केंद्रित राउंडटेबल चर्चा आयोजित की गई। इसमें सैंडोज़, NVIDIA, पेप्सिको, अपोलो हॉस्पिटल्स और मैनचेस्टर यूनाइटेड जैसे वैश्विक नामों के साथ महत्वपूर्ण संवाद हुआ, जो राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।
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