मध्यप्रदेश सरकार नई नियुक्तियों से जुड़े प्रोबेशन पीरियड के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, कोई भी अधिकारी या कर्मचारी यदि नियुक्ति के बाद अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लेता है, तो उसे 6 महीने के भीतर नियमित (रेगुलर) करना अनिवार्य होगा। विभाग अब बिना ठोस कारण के फाइल को लंबे समय तक लंबित नहीं रख सकेंगे।संशोधित नियमों के तहत, यदि प्रोबेशन अवधि के दौरान अधिकारी या कर्मचारी का कार्य संतोषजनक नहीं पाया जाता है या वह नैतिक अधोपतन का दोषी होता है, तो उसे बिना किसी लंबी प्रक्रिया के सेवा से बाहर किया जा सकेगा।
जीएडी पहुंचा प्रस्ताव
जानकारी के मुताबिक, वित्त विभाग ने सेवा की सामान्य शर्तें नियम, 1961 में संशोधन किया है। वित्त विभाग के एसीएस के अनुसार, यह प्रस्ताव परीक्षण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को भेजा गया है और इसे जल्द कैबिनेट में लाने की तैयारी है।
ये अहम बदलाव भी होंगे
स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों का भेद खत्म किया जाएगा। अब सभी को नियमित शासकीय सेवक माना जाएगा।
सीधी भर्ती और पदोन्नति से एक ही तारीख को पदस्थ होने की स्थिति में पदोन्नति वाले कर्मचारी को सीनियॉरिटी दी जाएगी।
एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरण पर जाने वालों को सीधी भर्ती जैसे लाभ मिलेंगे; सीनियॉरिटी, इंक्रीमेंट और अन्य लाभ भी इसी आधार पर तय होंगे।
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