मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए दी जाने वाली दवाओं की सूची में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग राज्यभर के जिला अस्पतालों से लेकर उपस्वास्थ्य केंद्रों तक अत्यावश्यक दवाओं की सूची (EDL) को संशोधित करने की तैयारी में है। इस बदलाव के तहत वे दवाएं हटाई जाएंगी, जो अब प्रभावी नहीं रहीं या जिनके बेहतर विकल्प उपलब्ध हो चुके हैं।
530 दवाओं वाली मौजूदा सूची में होगा संशोधन
वर्ष 2022 में तैयार की गई ईडीएल के अनुसार वर्तमान में जिला अस्पतालों के लिए 530 दवाएं सूचीबद्ध हैं। इनमें ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थियेटर में उपयोग होने वाली दवाएं शामिल हैं। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को ये सभी दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। अब इस सूची की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
एंटीबायोटिक के असर और डोज पर खास फोकस
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कई एंटीबायोटिक दवाएं अब उतना असर नहीं कर रही हैं, जबकि कुछ दवाओं के डोज भी अप्रासंगिक हो चुके हैं। ऐसे में इन दवाओं को सूची से हटाकर उनकी जगह नई, अधिक प्रभावी और सुरक्षित दवाएं जोड़ी जाएंगी।
डॉक्टरों की समिति तय करेगी नई दवाएं
ईडीएल में शामिल की जाने वाली नई दवाओं का चयन विशेषज्ञ डॉक्टरों की समिति करेगी। समिति उन दवाओं को प्राथमिकता देगी, जिनके परिणाम बेहतर रहे हैं और जिनकी चिकित्सकीय उपयोगिता अधिक है। समिति की सिफारिशों के आधार पर ही नई ईडीएल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
जिला स्तर से नीचे के अस्पतालों की सूची भी बदलेगी
यह संशोधन सिर्फ जिला अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उपस्वास्थ्य केंद्रों के लिए बनी ईडीएल में भी बदलाव किए जाएंगे, ताकि हर स्तर पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।
ईडीएल का सफर: 2014 से अब तक
निश्शुल्क दवा योजना के तहत पहली बार वर्ष 2014 में अत्यावश्यक दवाओं की सूची तैयार की गई थी। 2021 तक जिला अस्पतालों की ईडीएल में 295 दवाएं थीं,2022 में इसे बढ़ाकर 530 दवाएं किया गया,ईडीएल में लगातार विस्तार से मरीजों को बड़ी राहत मिली है और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है।
जल्द जारी होगी नई सूची
मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सप्लाई कॉरपोरेशन के एमडी मयंक अग्रवाल ने बताया कि नई ईडीएल को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है और शीघ्र ही संशोधित सूची तैयार कर वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
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