पन्ना जिले की ग्राम पंचायत पटना तमोली अंतर्गत सुदूर पहाड़ी क्षेत्र स्थित पहाड़ कोठी गांव में दशकों बाद बिजली पहुंचने से विकास की नई रोशनी जली है। सरपंच विश्वनाथ चौरसिया और शिक्षक गोविंद चौरसिया के निरंतर प्रयासों से गांव अंधेरे से बाहर आया, जिससे शिक्षा, कृषि और स्वरोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद जगी है।
दशकों का इंतजार खत्म, घर-घर पहुंची बिजली
पन्ना जिले की ग्राम पंचायत पटना तमोली अंतर्गत सुदूर पहाड़ी क्षेत्र स्थित पहाड़ कोठी गांव ने विकास की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्षों से बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रहे इस गांव में अब ट्रांसफार्मर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति शुरू कर दी गई है। घरों में जैसे ही बल्ब जले, ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
छात्रों को मिली पढ़ाई की बेहतर सुविधा, बुजुर्गों की आंखों में संतोष
बिजली पहुंचने से गांव के बच्चों को सबसे बड़ा लाभ मिला है, जो अब तक ढिबरी और लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर थे। वहीं बुजुर्गों के लिए यह पल किसी सपने के सच होने जैसा रहा। लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान से गांव में उत्साह और विश्वास का माहौल बन गया।
सरपंच और शिक्षक की पहल बनी मिसाल, विकास को मिले नए रास्ते
इस सफलता के पीछे ग्राम सरपंच श्री विश्वनाथ चौरसिया के सतत प्रयास और शिक्षक श्री गोविंद चौरसिया की सक्रिय भूमिका रही। सरपंच ने प्रशासनिक स्तर पर निरंतर प्रयास किए, जबकि शिक्षक ने ग्रामीणों को जागरूक कर अभियान को मजबूती दी। बिजली आने से अब गांव में स्वरोजगार, कृषि कार्य और छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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