रायपुर। तीन दिनों तक चले रायपुर साहित्य उत्सव 2026 का आज भव्य समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ वित्त मंत्री ओपी चौधरी और साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा भी मंच पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने साहित्य को समाज की आत्मा बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विचारों के आदान-प्रदान और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को सफल साहित्य उत्सव के लिए बधाई दी।
तीन दिवसीय इस साहित्य उत्सव में देशभर से आए प्रसिद्ध साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, फिल्म निर्देशकों और अभिनेताओं ने भाग लिया। विभिन्न सत्रों, संवादों और काव्य पाठों के माध्यम से साहित्य, सिनेमा और समाज के विविध पहलुओं पर चर्चा हुई। समापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और आम नागरिक मौजूद रहे। उत्सव के दौरान युवाओं और छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजकों ने इसे रायपुर के सांस्कृतिक जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपाल रमेन डेका ने साहित्य को जन-जन तक पहुँचाने पर ज़ोर देते हुए सरकार से महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्य उत्सव केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि गाँव और ग्राम स्तर पर भी आयोजित किए जाएँ, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ सकें।
राज्यपाल ने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने का माध्यम है और ग्रामीण भारत की समृद्ध लोकसंस्कृति को मंच देने के लिए ऐसे आयोजनों का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि साहित्य उत्सव को पंचायत और ग्राम स्तर तक ले जाने की ठोस योजना बनाई जाए, जिससे युवाओं और बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर मिल सके।
समापन कार्यक्रम में देशभर से आए प्रसिद्ध साहित्यकारों, कवियों, लेखकों, फिल्म निर्देशकों और कलाकारों ने सहभागिता की। उत्सव के अंतिम दिन बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी कार्यक्रम में पहुँचे। राज्यपाल के इस सुझाव को लेकर साहित्य जगत और उपस्थित जनसमूह में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। आयोजकों ने भी भविष्य में साहित्यिक गतिविधियों को व्यापक स्तर पर ले जाने की बात कही।
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