मध्यप्रदेश के रीवा जिले से सामने आए एक सोशल मीडिया विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मनोरंजन की सीमा आखिर कहां खत्म होती है। अपनी देसी कॉमेडी और हल्के-फुल्के अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले रीवा के कलाकार मनीष पटेल इस बार एक ऐसे वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं, जिसने सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी पर बहस छेड़ दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट बना विवाद का केंद्र, समाज विशेष की भावनाएं आहत होने का आरोप
रीवा। सोशल मीडिया पर सक्रिय और लाखों लोगों तक पहुंच रखने वाले स्थानीय कलाकार मनीष पटेल का एक वीडियो इन दिनों ज़बरदस्त विवाद का विषय बना हुआ है। यह वीडियो वैलेंटाइन डे से ठीक पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया था, जिसका कथित शीर्षक “ब्राह्मण लड़की पटाने के बाद” बताया जा रहा है। वीडियो सामने आते ही ब्राह्मण समाज के लोगों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। समाज के प्रबुद्धजनों, युवाओं और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि वीडियो में जिस तरह से एक विशेष समाज की महिलाओं को मज़ाक का विषय बनाया गया है, वह न केवल आपत्तिजनक है बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी घातक है। ब्राह्मण समाज का कहना है कि मनोरंजन के नाम पर किसी जाति या समुदाय को निशाना बनाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं, बल्कि असंवेदनशीलता है। ऐसे कंटेंट समाज में गलत संदेश फैलाते हैं और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाते हैं। विवाद के बढ़ते ही सोशल मीडिया पर मनीष पटेल के खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूज़र्स ने वीडियो को तत्काल हटाने की मांग की है, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगे जाने पर ज़ोर दिया है। कुछ सामाजिक संगठनों ने तो प्रशासन से इस मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील भी की है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक मनीष पटेल की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। लेकिन जिस तेज़ी से सोशल मीडिया पर विरोध और नाराज़गी बढ़ रही है, उससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि डिजिटल दौर में लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है। मनोरंजन और अपमान के बीच की रेखा को नज़रअंदाज़ करना कभी-कभी बड़े सामाजिक विवाद का कारण बन सकता है।
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