मध्य प्रदेश के रीवा जिले से सटी उत्तर प्रदेश की सीमा पर पेट्रोल और डीजल की अवैध कालाबाजारी लंबे समय से चल रही थी। अब शासन-प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। पुलिस ने एक विशेष मुहिम के तहत सीमावर्ती इलाकों में ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
रीवा-यूपी बॉर्डर पर सस्ते ईंधन की तस्करी, पुलिस की मुहिम से मचा हड़कंप
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से लगी उत्तर प्रदेश सीमा पर पेट्रोल और डीजल के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। लंबे समय से सस्ते दामों पर उत्तर प्रदेश से ईंधन लाकर मध्य प्रदेश में खुलेआम बेचने का गोरखधंधा फल-फूल रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक विशेष अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत पुलिस ने उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश की ओर बड़े ड्रमों में ले जाया जा रहा लगभग 500 लीटर पेट्रोल और डीजल जब्त किया है। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी, बल्कि सीमावर्ती गांवों और बाजार क्षेत्रों में उन दुकानों और गुमटियों पर भी छापेमारी की गई, जहां छोटे-छोटे बोतलों और गैलनों में पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी अंतर है। मध्य प्रदेश में पेट्रोल: लगभग 108 रुपए प्रति लीटर उत्तर प्रदेश में पेट्रोल: लगभग 95 रुपए प्रति लीटर मध्य प्रदेश में डीजल: लगभग 96 रुपए प्रति लीटर उत्तर प्रदेश में डीजल: लगभग 88 रुपए प्रति लीटर इसी कीमत अंतर का फायदा उठाकर तस्कर उत्तर प्रदेश से सस्ता ईंधन लाकर मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में बेच रहे थे। हैरानी की बात यह है कि पान की छोटी गुमटियों तक में खुलेआम पेट्रोल और डीजल की बिक्री की जा रही थी। यह अवैध कारोबार न केवल सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहा था, बल्कि ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आम जनता की जान के लिए भी गंभीर खतरा बना हुआ था। बिना किसी सुरक्षा मानकों के पेट्रोल और डीजल का भंडारण और बिक्री कभी भी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकती थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल बेचने या तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि आम लोगों की सुरक्षा और सरकारी राजस्व से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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