उज्जैन में विक्रमोत्सव-2026 का शुभारंभ 12 फरवरी को होगा। यह आयोजन 30 जून तक चलेगा और कुल 139 दिन तक सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अनूठा उत्सव प्रस्तुत करेगा। आयोजन के तहत एक करोड़ एक लाख रुपये का सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण स्थापित किया गया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभूतियों को सम्मानित करने के लिए दिया जाएगा।
महाशिवरात्रि पर संगीत और जलगंगा संवर्धन अभियान
महाशिवरात्रि पर सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम शिवोऽहम महादेव की आराधना प्रस्तुत करेंगे। द्वितीय चरण में 19 मार्च से 30 जून तक जलगंगा संवर्धन अभियान चलेगा, जिसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों के तहत चार हजार से अधिक कलाकार प्रस्तुति देंगे। यह जानकारी संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने दी।
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि महोत्सव के दौरान देव महादेव पर्व के अंतर्गत महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन किया जाएगा। इसमें मंदिरों की सजावट, साफ-सफाई और सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल होंगी।
अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में 25 से अधिक देश शामिल
पौराणिक फिल्मों का अंतरराष्ट्रीय महोत्सव 13 से 17 मार्च तक उज्जैन में आयोजित किया जाएगा, जिसमें 25 से अधिक देश भाग लेंगे। समारोह में अंग्रेज़ी, फ्रेंच, हिब्रू, रशियन, स्पैनिश, आइसलैंडिक, इटेलियन, डच, मंगोलियन, फिजियन, इंडोनेशियन, अफ्रीकन, नाइजीरियन, सिंहली और ग्रीक जैसी भाषाओं की 25 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन होगा। इसके अलावा, महाभारत पर आधारित फिल्मों का भी प्रदर्शन होगा।
देश का सबसे बड़ा सम्मान: सम्राट विक्रमादित्य अलंकरण
मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने विक्रमादित्य की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से एक करोड़ एक लाख रुपये का अंतरराष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है।यह देश का सबसे बड़ा सम्मान होगा, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रुपये का राष्ट्रीय सम्मान व पांच-पांच लाख रुपये राशि के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किए हैं। पुरस्कार प्राप्त करने वालों का चयन समिति करेगी।
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