अगर आप इंडियन नेवी में ऑफिसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो 12वीं क्लास में पीसीएम यानी फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स जरूरी है। नेवी में 12वीं के बाद या फिर ग्रैजुएशन के बाद जा सकते हैं। इसके लिए एंट्री का सिस्टम अलग-अलग है। भारतीय नौसेना में करियर कैसे बना सकते हैं, किन तरीकों से आप इंडियन नेवी ज्वाइन कर सकते हैं?
क्लास 12 के बाद इंडियन नेवी ज्वाइन कैसे करें?
12वीं के बाद नेवी में एंट्री के कई तरीके हैं। पहला तरीका है यूपीएससी एनडीए एग्जाम। इसके तहत पहले लिखित परीक्षा ली जाती है। इसे पास करने के बाद एसएसबी इंटरव्यू होता है। दोनों क्लीयर करने के बाद आपको नेशनल डिफेंस अकैडमी या नेवल अकैडमी भेजा जाता है, जहां आपकी ट्रेनिंग होती है। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नेवी में कमीशन दिया जाता है।
नेवी में डायरेक्ट एंट्री कैसे होती है?
नौसेना में जाने का दूसरा तरीका है- डायरेक्ट एंट्री। इसके लिए 10वीं या 12वीं में इंग्लिश में कम से कम 50 पर्सेंट मार्क्स जरूरी हैं। साथ ही 12वीं में पीसीएम के साथ 70 पर्सेंट मार्क्स जरूरी हैं। इसे नेवी बीटेक एंट्री भी कहा जाता है। क्योंकि इसमें जेईई मेन में ऑल इंडिया रैंकिंग के आधार पर मेरिट बनती है। फिर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसमें लिखित परीक्षा नहीं होती। सीधे इंटरव्यू होता है। इन दोनों ही तरीके से नेवी में परमानेंट कमीशन मिलता है।
ग्रेजुएशन के बाद नेवी में एंट्री के लिए CDS Exam
परमानेंट कमिशन के लिए एंट्री का एक और जरिया सीडीएस (कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज) एग्जाम है। यह ग्रेजुएशन के बाद होता है। इसके लिए भी 12वीं में पीसीएम और इंजीनियरिंग की डिग्री होनी चाहिए। इसमें भी लिखित परीक्षा और फिर इंटरव्यू के आधार पर चयन होता है। अगर कोई एनसीसी सी सर्टिफिकेट होल्डर हो और बीई या बीटेक की डिग्री हो, तो वह सीडीएस के जरिए नेवी में जाने के लिए बिना लिखित परीक्षा के ही इंटरव्यू दे सकता है।
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