ना उम्र की सीमा हो...कहने को तो ये एक गाने की लाईन है लेकिन आजकल लोगों में हार्ट अटैक कुछ इसी चीज़ को दर्शाता हुआ नजर आ रहा है। पहले ज्यादातर लोगों में 50 साल की उम्र के बाद हार्ट अटैक की समस्या देखने को मिलती थी पर आजकल हार्ट अटैक किस उम्र में आ जाएं कहा नहीं जा सकता। पिछले कुछ समय में 40 से कम उम्र के कई युवा हार्ट अटैक से अपनी जान गंवा चुके हैं। चिंता की बात है कि हार्ट अटैक के मामले ज्यादातर उन लोगों में देखे गए हैं, जो अक्सर जिम जाते हैं, फिटनेस को लेकर अलर्ट रहते हैं.ऐसे में ये जानना बहुत जरूरी हो जाता हैं कि आचानक आए हार्ट अटैक पर कैसे जान को बचाया जा सकता है
हार्ट अटैक आने पर क्या करें-
हार्ट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट के बढ़ते खतरे को देखते हुए इससे बचाव के उपाय करने की जरूरत है. इसके अलावा हार्ट अटैक आने पर तुरंत क्या करना चाहिए, इस बारें में जानना बहुत जरूरी है. इसमें CPR जैसे उपाय शामिल हैं. कई मामलों में देखा गया है कि हार्ट अटैक के बाद तुरंत सीपीआर देकर मरीज की जान बचा ली गई है.क्या हैं CPR-
सीपीआर का फुल फॉर्म कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (Cardiopulmonary Resuscitation) है। कार्डियक अरेस्ट आने, अचानक से बेहोश होकर गिरने या मरीज की नब्ज जाने की स्थिति में यह फर्स्ट एड यानी प्राथमिक ट्रीटमेंट है। जिससे किसी की जान बचा सकते हैं। सीपीआर देने के लिए व्यक्ति को लिटाकर उसकी चेस्ट हाथ की हथेली से पुश कर पंप किया जाता है. एक मिनट में 100 से ज्यादा बार पुश करना होता है. इस दौरान हाथों की हथेली से चेस्ट के बीच के हिस्से पर दबाव डाला जाता है. ध्यान रखना चाहिए कि मरीज खुली जगह हो और आसपास भीड़ न हो.कैसे काम करता है सीपीआर-
सीपीआर देने से शरीर के अंगों में ब्लड की सप्लाई फिर से शुरू हो जाती है. इससे मरीज की जान बचाने में मदद मिल सकती है. अगर हार्ट अटैक के मरीज को समय पर सीपीआर दिया जाए तो जान बच सकती है. अस्पताल पहुंचने तक वह रिकवर हो सकता है. सीपीआर की सही टेक्नीक आप हेल्थ एक्सपर्ट्स से सीख सकते हैं.सीपीआर देते समय किन चीजों को रखें ध्यान-
1.अपनी कोहनी और हाथों को सीधा रखें
2.मरीज को जमीन पर पीठ के बल लिटाकर ही सीपीआर दे
3.मरीज का हाथ या पैर मुड़ा हुआ ना हो
4.मरीज के मुंह में अपना मुंह अच्छे से लॉक करें
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