जिंक एक आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट है, जो शरीर में सैकड़ों एंजाइम्स की सक्रियता, इम्यून सिस्टम और सेल रिपेयर में अहम भूमिका निभाता है। हाल के वर्षों में वैज्ञानिकों का ध्यान इस बात पर गया है कि जिंक की पर्याप्त मात्रा शरीर की रक्त नलिकाओं (ब्लड वेसल्स) के स्वास्थ्य को बेहतर बनाकर ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद कर सकती है।
रिसर्च क्या कहती है जिंक और बीपी पर
अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित कई अध्ययनों के अनुसार, जिन लोगों में जिंक की कमी पाई गई, उनमें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या अपेक्षाकृत अधिक देखी गई। रिसर्च बताती है कि जिंक, किडनी में सोडियम के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे शरीर में अतिरिक्त नमक जमा नहीं होता और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
ब्लड वेसल्स पर जिंक का प्रभाव
जिंक रक्त नलिकाओं की अंदरूनी परत यानी एंडोथीलियम की कार्यक्षमता को सुधारता है। इससे नलिकाएं अधिक लचीली रहती हैं और रक्त प्रवाह बेहतर होता है। जब ब्लड वेसल्स ठीक से फैल-सिकुड़ पाती हैं, तो हाई बीपी का खतरा कम हो जाता है। यही कारण है कि जिंक को हृदय स्वास्थ्य से भी जोड़ा जा रहा है।
क्या जिंक हाई बीपी की दवा का विकल्प है?
विशेषज्ञ साफ तौर पर कहते हैं कि जिंक किसी भी तरह से ब्लड प्रेशर की दवाओं का विकल्प नहीं है। हालांकि, संतुलित मात्रा में जिंक का सेवन एक सपोर्टिव न्यूट्रिएंट की तरह काम कर सकता है। यह दवाओं के साथ मिलकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में सहायक भूमिका निभा सकता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह के बिना सप्लीमेंट लेना नुकसानदायक भी हो सकता है।
जिंक की कमी और हाई बीपी का जोखिम
लंबे समय तक जिंक की कमी रहने पर शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे हृदय और रक्त नलिकाओं पर नकारात्मक असर पड़ता है। रिसर्च में यह भी सामने आया है कि जिंक की कमी सूजन (इन्फ्लेमेशन) को बढ़ा सकती है, जो हाई ब्लड प्रेशर का एक अहम कारण माना जाता है।
प्राकृतिक स्रोतों से जिंक लेना क्यों बेहतर
विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक को प्राकृतिक आहार स्रोतों से लेना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। कद्दू के बीज, काजू, बादाम, दालें, साबुत अनाज, अंडा और डेयरी उत्पाद जिंक के अच्छे स्रोत हैं। संतुलित आहार के जरिए लिया गया जिंक धीरे-धीरे शरीर में अवशोषित होता है और साइड इफेक्ट का खतरा भी कम रहता है।
संतुलन ही है असली कुंजी
रिसर्च यह संकेत जरूर देती है कि जिंक ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है, लेकिन यह कोई चमत्कारी इलाज नहीं है। स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और चिकित्सकीय सलाह के साथ ही जिंक का सही सेवन ब्लड प्रेशर नियंत्रण में मददगार बन सकता है।
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